Yogi Adityanath will send 11-11 hundred rupees to the bank accounts of parents today, know the whole scheme
राष्ट्रीय

योगी आदित्यनाथ आज अभिभावकों के बैंक खातों में भेजेंगे 11-11 सौ रुपये,जानें- पूरी योजना

Khaskhabar/उत्तर प्रदेश के परिषदीय और अशासकीय सहायताप्राप्त प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले हर बच्चे के अभिभावक के बैंक खाते में 11-11 सौ रुपये भेजे जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को कक्षा एक से आठ तक के 1.6 करोड़ से अधिक बच्चों के अभिभावकों के खाते में धनराशि भेजने का शुभारंभ करेंगे। सीएम योगी ये रुपये आनलाइन ट्रांसफर करेंगे। 

Khaskhabar/उत्तर प्रदेश के परिषदीय और अशासकीय सहायताप्राप्त प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले हर बच्चे के अभिभावक के बैंक खाते में 11-11 सौ रुपये भेजे
Posted by khaskhabar

पिछले दिनों कैबिनेट इस योजना पर लगा चुकी मुहर

बच्चों को यूनिफार्म, स्वेटर, जूता-मोजा और स्कूल बैग खरीदने के लिए यह रकम भेजी जा रही है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में पिछले दिनों कैबिनेट इस योजना पर मुहर लगा चुकी है। अब हर बच्चे के लिए अभिभावक के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के तहत 1100 रुपये भेजे जाएंगे। सरकार अभिभावकों के खातों में लगभग 1800 करोड़ रुपये की रकम भेजेगी।

बच्चों के अभिभावकों के बैंक एकाउंट की फीडिंग का काम लगभग पूरा हो चुका

इस धन से बच्चों को दो जोड़ी यूनिफार्म के लिए 600 रुपये, एक स्वेटर 200 रुपये, एक जोड़ी जूता व दो जोड़ी मोजे के लिए 125 रुपये और एक स्कूल बैग के लिए 175 रुपये दिए जाएंगे। बच्चों के अभिभावकों के बैंक एकाउंट की फीडिंग का काम लगभग पूरा हो चुका है। शनिवार को उद्घाटन के बाद खातों में धनराशि ट्रांसफर शुरू हो जाएगा।

अभिभावकों का आधार कार्ड के साथ डाटा इसमें शामिल किया गया

बेसिक शिक्षा विभाग ने निशुल्क यूनिफार्म, जूते-मोजे, स्वेटर व स्कूल बैग की धनराशि अभिभावकों के खाते में भेजने के लिए प्रेरणा डीबीटी ऐप सिंतबर में लांच किया था। सभी अभिभावकों का आधार कार्ड के साथ डाटा इसमें शामिल किया गया है। अब धनराशि सीधे बैंक खातों में भेजे जाने पर भ्रष्टाचार पर अंकुश तो लगेगा ही, अभिभावक अपनी संतुष्टि के अनुसार यह चीजें खरीद सकेंगे। साथ ही कक्षा के अनुसार दक्षता प्राप्त करने के लिए अधिक अवसर मिल सकेगा।

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भ्रष्टाचार के अलावा इन सामानों की गुणवत्ता को लेकर मिलती थीं शिकायतें

बता दें कि अभी तक बच्चों को हर सत्र में यह चीजें विभाग की ओर से मुफ्त में उपलब्ध कराई जाती थीं। इनके लिए अलग-अलग प्रक्रिया अपनाई जाती थी। इसमें भ्रष्टाचार के अलावा इन सामानों की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें मिलती थीं। इन चीजों को समय से उपलब्ध कराने की भी चुनौती रहती थी।सभी अभिभावकों से सहमति पत्र लेते समय उन्हें सूचित किया जाए कि यदि उनके बैंक खाते निष्क्रिय हैं तो उन्हें यथाशीघ्र सक्रिय करा लिया जाए और उसकी आधार सीडिंग अनिवार्य होगी।

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