Yasin Malik Terror Funding Case
राष्ट्रीय

Yasin Malik Terror Funding Case: यासीन मलिक को टेरर फंडिंग मामले में उम्रकैद की सजा, 10 लाख का जुर्माना

Khaskhabar/टेरर फंडिंग मामले (Terror Funding Case) में दोषी आंतकी यासीन मलिक (Yasin Malik) को एनआइए की विशेष अदालत (NIA Special Court) ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।यासीन द्वारा अपने खिलाफ लगाए गए सभी आरोप स्वीकार करने के बाद एनआइए के स्पेशल कोर्ट ने उसे दोषी ठहराया।

Khaskhabar/टेरर फंडिंग मामले (Terror Funding Case) में दोषी आंतकी यासीन मलिक (Yasin Malik) को एनआइए की विशेष अदालत (NIA Special Court) ने उम्रकैद की सजा सुनाई

आतंकी फंडिंग मामले में अदालत ने गुरुवार को दोषी ठहराया

हुर्रियत नेता और प्रतिबंधित संगठन जम्मू एवं कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के प्रमुख को 2017 के आतंकी फंडिंग मामले में अदालत ने गुरुवार को दोषी ठहराया था।यासीन मलिक को हवालात से कोर्ट लाया गया है। यासीन मलिक को कभी भी फांसी अथवा उम्र कैद की सजा का ऐलान हो सकता है।

मलिक के घर के बाहर उसके समर्थकों द्वारा नारेबाजी करने और पथराव करने की सूचना

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोर्ट में मीडिया के साथ ही अन्य लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके साथ ही कश्मीर में यासीन मलिक के घर के बाहर उसके समर्थकों द्वारा नारेबाजी करने और पथराव करने की सूचना है। सूचना है के पुलिस ने घर के बाहर भीड़ को तीतर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े हैं। फिलहाल, यासीन मलिक के समर्थकों और अन्य असामाजिक तत्वों पर सुरक्षा बलों की नजर है।

माहौल खराब करने वाले लोगों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा

सुरक्षा बलों का दावा है कि माहौल खराब करने वाले लोगों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा।यासीन मलिक ने कहा कि अगर मैं 28 साल में किसी आतंकवादी गतिविधि या हिंसा में शामिल रहा हूं। अगर भारतीय खुफिया एजेंसी यह साबित कर देती है तो मैं भी राजनीति से संन्यास ले लूंगा। मैं फांसी स्वीकार करूंगा, मैं माफी नहीं मांगूंगा। मैंने सात प्रधानमंत्रियों के साथ काम किया है।

यासीन मलिक के घर के बाहर लोगों ने सुरक्षाबलों पर पत्थरबाजी की

बता दें कि यासीन मलिक के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने टेरर फंडिंग मामले में फांसी की सजा की मांग की है।सजा के फैसले से पहले यासीन मलिक के घर के बाहर लोगों ने सुरक्षाबलों पर पत्थरबाजी की है, और साथ में नारे भी लगाए हैं। बवाल बढ़ने के बाद सुरक्षाबलों ने फायरिंग की और आंसू गैस के गोले दागे।टेरर फंडिंग मामले में दोषी आतंकी यासीन मलिक के अपराधों का इतिहास काफी पुराना है।

श्रीनगर में तीन आतंकियों ने मोहम्मद सईद की बेटी रूबिया सईद को बस से अगवा कर लिया था

यासीन मलिक ने पाकिस्तान के आतंकियों से मिलकर कई बड़ी वारदातों का अंजाम दिया था। साल 1989 वीपी सिंह की सरकार में मुफ्ती मोहम्मद सईद गृह मंत्री थे। उस समय श्रीनगर में तीन आतंकियों ने मोहम्मद सईद की बेटी रूबिया सईद को बस से अगवा कर लिया था। तभी यासीन मलिक ने सरकार के सामने पांच आतंकियों की रिहाई की शर्त रखी थी।

गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के सभी आरोपों को मलिक ने स्वीकार कर लिया

पाकिस्तान के आतंकियों से संबंध काफी पुराने थे और सरकार को यासीन की शर्त मानने के लिए विवश होना पड़ा।टेरर फंडिंग मामले में 10 मई को गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के सभी आरोपों को मलिक ने स्वीकार कर लिया था। मलिक ने अदालत से कहा था कि वह उस पर लगाए गए आरोपों का सामना नहीं करना चाहता है।

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देश के खिलाफ युद्धोन्माद फैलाने और राजद्रोह सहित अन्य अपराध के लिए दोषी ठहराया गया

मलिक को आतंकी कृत्य के लिए धन जुटाने, साजिश रचने, आतंकवादी संगठन का सदस्य होने, देश के खिलाफ युद्धोन्माद फैलाने और राजद्रोह सहित अन्य अपराध के लिए दोषी ठहराया गया था।एनआइए ने अदालत से यासीन मलिक को फांसी की सजा दिए जाने की मांग की है।अदालत थोड़ी देर में फैसला सुनाएगी। इससे पहले एनआइए के विशेष न्यायाधीश प्रवीण सिंह की अदालत में सजा पर जिरह हुई।

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