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वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर-ज्ञानवापी मस्जिद मामले में फास्ट ट्रैक ने ASI को दी जांच की मंजूरी,क्या है ओवैसी का बयान

Khaskhabar/वाराणसी के पुराने विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी मस्जिद के संबंध में जब फास्ट ट्रैक ने एएसआई के जरिए सर्वे कराने का निर्णय दिया तो एआईएमआईएम के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी करीब करीब बौखला गए। आप उनकी बौखलाहट को उनके खुद के बयान से समझ सकते हैं। वो फास्ट ट्रैक कोर्ट के निर्णय पर भड़क गए और कहा कि इतिहास दोहराया जाएगा। अब सवाल यह है वो किस तरह के इतिहास के दोहराने की बात कर रहे हैं। 

Khaskhabar/वाराणसी के पुराने विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी मस्जिद के संबंध में जब फास्ट ट्रैक ने एएसआई के जरिए सर्वे कराने का निर्णय दिया तो एआईएमआईएम के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी करीब करीब बौखला गए। आप उनकी बौखलाहट
Posted by khaskhabar

संदेह के घेरे में अदालती फैसला

असदुद्दीन ओवैसी कहते हैं कि अदालत का फैसला संदेह के घेरे में और उसके लिए बाबरी केस में फैसले का जिक्र किया। वो कहते हैं कि अगर कोई भी टाइटिल या साक्ष्य दो एएसआई के द्वारा लाए जाते हैं उन पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। सच तो ये है कि एएसआई ने सभी तरह के हिंदुत्व के झूठ में मिडवाइफ की तरह काम किया है। एएसआई के साक्ष्यों से कोई भी निष्कर्ष नहीं निकाल सकता है। 

पूजा स्थल अधिनियम 1991 का पालन हो

यह स्पष्ट है कि बाबरी मस्जिद को ध्वस्त करने के “अहंकारी आपराधिक कृत्य” को अंजाम देने वाले लोगों को 1980 के दशक की हिंसा के लिए भारत वापस ले जाने और किसी भी चीज को रोकने के लिए किसी भी चीज पर रोक नहीं होगी।विधि द्वारा पूजा स्थल अधिनियम 1991 को लागू करने के लिए आवश्यक है जो धार्मिक स्थान के रूपांतरण पर रोक लगाता है। उसे हस्तक्षेप करने की हिम्मत मिलनी चाहिए। जब हम बाबरी के बारे में अपनी निराशा व्यक्त करते हैं, तो कई लोग हमें “बंद” करने की बात कर रहे थे। अब आप सब कहा हैं?

राज्य सरकार उठाएगी खर्चा

इसके साथ ही सर्वे का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी. पुरातात्विक सर्वेक्षण मामले पर वादी मंदिर पक्ष के प्रार्थना पत्र पर सिविल जज सीनियर डिविजन फास्ट ट्रैक कोर्ट में 2 अप्रैल को फैसला सुरक्षित कर लिया गया था. बता दें कि इस मामले में मंदिर पक्ष के पक्षकार विजय शंकर रस्तोगी ने 10 दिसंबर 2019 को कोर्ट में याचिका दायर की थी. 

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फैसले पर जताई खुशी

आचार्य सत्येंद्र दास महाराज जी ने वाराणसी कोर्ट के फैसले को बहुत ही अच्छा बताते हुई खुशी जताई. उन्होंने कहा कि ये निश्चित है कि इसमें उतना समय नही लगेगा जितना श्री रामजन्मभूमि में लगा है. जल्दी से जल्दी फैसला होगा क्योंकि वहां की सारी सत्यता वास्तविकता है और वो स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है. इसलिए वहां पर बड़े ही शांतिपूर्ण तरीके से भगवन शिव के पक्ष में जल्दी से जल्दी निर्णय हो जाएगा.

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