Third wave of corona is likely to reach in august, children's will be most affected
स्वास्थ

अगस्त में कोरोना तीसरी वेव की चेतावनी बड़े पैमाने पर बच्चे हो सकते है प्रभावित,बाल आयोग ने लिया तैयारियों का जायजा

Khaskhabar/कोरोना की तीसरी वेव में देश की 35 फीसद तक जनता हो सकती है प्रभावित। बड़े पैमाने पर बच्चों के प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। बाल आयोग ने हर राज्य से ICU समेत बच्चों के इलाज वाले 22 उपकरणों की तैयारियों का जायजा लिया। हलाकि दूसरी लहर के उफान के बाद अब इसमें कमी देखी जा रही है। जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से टाटा मोटर्स अस्पताल को पत्र लिखकर अलर्ट जारी किया गया है।

Khaskhabar/कोरोना की तीसरी वेव में देश की 35 फीसद तक जनता हो सकती है प्रभावित। बड़े पैमाने पर बच्चों के प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। बाल आयोग ने हर राज्य से ICU समेत बच्चों के इलाज वाले
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स्थिति से निपटने के लिए पहले से ही त्यारियां शुरू कर दी गयी है

विभाग की ओर से भेजे गए पत्र में वैज्ञानिकों के अनुसार,कोविड-19 के तीसरे चरण की आशंका और चेतावनी जताई जा रही है। भारत को अगस्त 2021के आसपास तीसरा चरण प्रभावित कर सकता है।इसमें मुख्य रूप से बच्चे बड़े पैमाने पर प्रभावित होंगे।स्थिति से निपटने के लिए पहले से ही त्यारियां शुरू कर दी गयी है। इस संदर्भ में विभाग को भी सूचित किया गया है बाल आयोग ने सभी तैयारियों का जायजा भी लिया। ताकि सूचित किया जाए कि इससे निपटने को उनके यहां क्या-क्या सुविधाएं मौजूद है।इधर, महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज अस्पताल, बारीडीह स्थित मर्सी अस्पताल भी तैयारी शुरू कर दी है। ताकि अधिक से अधिक बच्चों की जान बचाई जा सकें।

ऐसे में बिना लक्षण वाले बच्चों में कोरोना की पहचान करना काफी मुश्किल

इस बार स्वास्थ विभाग की मुश्किलें और बढ़ गयी है राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने अब राज्यों से एक हफ्ते के भीतर बच्चों के लिए हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के आंकड़े आयोग में जमा करने का आदेश दिया है।क्युकि तीसरी लहर आने तक अधिक से अधिक व्यस्कों का टीकाकरण हो चुका होगा। वहीं, कुछ लोग वैसे भी होंगे जिन लोगो के शरीर में एंटीबॉडी बन चुकी होगी। ऐसे में वायरस का अटैक बच्चों पर अधिक होगा।

बच्चों के लिए 150 से 200 बेड पर पीआईसीयू सपोर्ट होना जरुरी

सबसे चिंता की बात यह है कि बच्चे अपनी परेशानी बता भी नहीं पाएंगे। ऐसे में बिना लक्षण वाले बच्चों में कोरोना की पहचान करना काफी कठिन टास्क होगा।तीसरी लहर से निपटने के लिए जमशेदपुर में बच्चों के लिए 150 से 200 बेड पर पीआईसीयू सपोर्ट होना जरुरी। फिलहाल पूरे शहर के अस्पतालों में 20 से 22 पीआईसीयू है।

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दूसरी लहर में करीब 1000 बच्चे हुए पॉजिटिव

दूसरी लहर में यानी 50 दिन में 927 बच्चे संक्रमित हुए। वहीं, पहली लहर में यानी मई 2020 से अप्रैल 2021 तक कुल 844 बच्चे संक्रमित हुए थे।वैज्ञानिको के अनुसार, तीसरी लहर में 50 से 60 फीसद सिर्फ बच्चे ही शामिल जिससे निपटना मुश्किल। लोगों को भी जागरूक होने की जरुरत।

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