The festival of colors, celebrated in pink winter, will be celebrated this time in a lot of heat.
दुनिया

गुलाबी ठंड में मनाया जाने वाला रंगों का पर्व इस बार खासी गर्मी में मनेगा

khaskhabar/आमतौर पर हर साल गुलाबी ठंड में मनाया जाने वाला रंगों का पर्व इस बार खासी गर्मी में मनेगा। 18 मार्च को होली तक तापमान इतना रह सकता है कि पसीना छूटने लगेगा। भीगने पर ठंड नहीं लगेगी, बल्कि अच्छा महसूस होगा। यह स्थिति केवल दिल्ली-एनसीआर ही नहीं, बल्कि हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में रहेगी।

khaskhabar/आमतौर पर हर साल गुलाबी ठंड में मनाया जाने वाला रंगों का पर्व इस बार खासी गर्मी में मनेगा। 18 मार्च को होली तक तापमान इतना रह सकता है कि पसीना छूटने लगेगा। भीगने पर ठंड नहीं लगेगी
holi in summer-Posted by khaskhabar

होली का त्योहार अमूमन मार्च के पहले अथवा दूसरे सप्ताह में पड़ता

अहम बात यह है कि अप्रैल, मई एवं जून के महीने खासा गर्म हो सकते हैं।हीट वेव यानी लू वाले दिनों की संख्या में भी वृद्धि संभावित है। गौरतलब है कि होली का त्योहार अमूमन मार्च के पहले अथवा दूसरे सप्ताह में पड़ता है। इस दौरान सर्दी अपनी वापसी की राह पर होती है और गर्मी दस्तक दे रही होती है। इसी कारण होली के समय गुलाबी ठंड का एहसास होता है।

करीब दो सप्ताह से दिल्ली में दिन का तापमान सामान्य से ऊपर चल रहा

पानी में रंग घोलकर होली खेलने पर ठिठुरन सी महसूस होती है, लेकिन इस बार सर्दी फरवरी में ही विदाई लेने को आमादा है।पिछले करीब दो सप्ताह से दिल्ली में दिन का तापमान सामान्य से ऊपर चल रहा है। जानकारी के मुताबिक, फरवरी का औसत अधिकतम तापमान 23.2 डिग्री और मार्च का 29.6 डिग्री सेल्सियस होता है।

न्यूनतम तापमान भी 10 से 11 डिग्री तक पहुंच गया

किंतु इस बार फरवरी के तीसरे सप्ताह में ही यह 27 डिग्री पार हो चुका है और 28 फरवरी तक 29 डिग्री सेल्सियस को छू लेगा। न्यूनतम तापमान भी 10 से 11 डिग्री तक पहुंच गया है और माह खत्म होने तक 12 से 13 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है। इस हिसाब से मार्च के तीसरे सप्ताह तक अधिकतम तापमान 36- 37 और न्यूनतम 16-17 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाएगा।

गुलाबी ठंड से सराबोर होली की संभावना इस बार खत्म हो गई

इसका मतलब साफ है कि इतने अधिक तापमान पर गर्मी में पसीना छूटना तय है। हालांकि बीच-बीच में पश्चिमी विक्षोभ आते रहेंगे, लेकिन गुलाबी ठंड से सराबोर होली की संभावना इस बार खत्म हो गई है।मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, इसके पीछे एक मुख्य वजह जलवायु परिवर्तन के कारण लगातार बढ़ रही चरम मौसमी घटनाएं तो हैं ही, मजबूत पश्चिमी विक्षोभ का अभाव भी है।

तापमान और गर्मी में इजाफा हो रहा

पिछले 15 दिनों से कोई मजबूत पश्चिमी विक्षोभ नहीं आया है। आसमान लगातार साफ चल रहा है और धूप भी रोज खिल रही है। इसीलिए तापमान और गर्मी में इजाफा हो रहा है। मौसम विज्ञान एवं जलवायु परिवर्तन के उपाध्यक्ष महेश पलावत ने बताया कि जलवायु परिवर्तन के असर से गत वर्ष विस्तारित मानसून में रिकार्ड बारिश हुई और सर्दी ने भी नए रिकार्ड बनाए।

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साथ ही अप्रैल, मई और जून में भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता

ऐसे में मार्च में अच्छी गर्मी पड़ना भी अब तय है। तेज धूप और 35-36 से ऊपर तापमान में पसीना निकलना भी स्वाभाविक है। इसलिए इसमें कोई संदेह नहीं कि इस बार होली पर ठंड नहीं, बल्कि गर्मी का एहसास होगा। इसके साथ ही अप्रैल, मई और जून में भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।

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