Zafar Iqbal did the country's name in hockey, gave gold medal to the country
खेल राष्ट्रीय

राष्ट्रीय खेल दिवस:जफर इकबाल ने हाकी में किया देश का नाम रोशन, देश को दिलाया था गोल्ड मेडल

khaskhabar/हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के जन्मदिन पर सोमवार को देश भर में विभिन्न कार्यक्रम होंगे। राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में हर साल इस दिन को मनाया जाता है और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जाता है। लेकिन हॉकी से अलीगढ़ का पुराना नाता रहा है।

khaskhabar/हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के जन्मदिन पर सोमवार को देश भर में विभिन्न कार्यक्रम होंगे। राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में हर साल इस दिन को मनाया जाता
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खिलाड़ियों का हॉकी में काफी समृद्ध शाली इतिहास रहा

ताला और तालीम के लिए जाना जाने वाला अलीगढ़ देश को कई हॉकी के महान खिलाड़ी दे चुका है। जिन्होंने देश और दुनिया में नाम कमाया है। इसमें सबसे अहम नाम है पद्मश्री जफर इकबाल का। जो देश की हॉकी टीम के कप्तान रहे और उन्होंने ओलंपिक में भी देश का नाम रोशन किया।एएमयू के खिलाड़ियों का हॉकी में काफी समृद्ध शाली इतिहास रहा है।

ओलंपिक में देश का नाम रोशन करने वाली टीमे में पद्मश्री जफर इकबाल भारतीय हॉकी टीम के कप्तान रहे

यूनिवर्सिटी से निकले खिलाड़ियों ने देश दुनिया में न सिर्फ भारत का नाम रोशन किया। बल्कि ओलंपिक में भी देश का नाम रोशन किया है।ओलंपिक में देश का नाम रोशन करने वाली टीमे में पद्मश्री जफर इकबाल भारतीय हॉकी टीम के कप्तान रहे।उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश की टीम का प्रतिनिधित्व किया। जफर उस टीम के कप्तान रहे, जिसने हॉकी में आखिरी गोल्ड 1980 में मॉस्को में जीता था।

एएमयू ने हॉकी के और भी कई नगीने देश को दिए, जिन्होंने दुनिया में भारत का नाम रोशन किया

जफर इकबाल एएमयू में खेलते थे और यहीं से आगे बढ़कर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचे।राष्ट्रीय खेल दिवस पद्मश्री जफर इकबाल के साथ एएमयू ने हॉकी के और भी कई नगीने देश को दिए, जिन्होंने दुनिया में भारत का नाम रोशन किया। इसमें मसूद मिन्हाज (लॉस एंजिलिस ओलिंपिक 1932), अहसान मोहम्मद खान (बर्लिन ओलिंपिक 1936), लेफ्टिनेंट ए शकूर, मदन लाल, लतीफ-उर रहमान, अख्तर हुसैन हयात (ये सभी 1948 ओलिंपिक में साथ खेले), जोगेंद्र सिंह (रोम ओलिंपिक 1960) और एसएम अली सैयद (तोक्यो ओलिंपिक 1964) समेत कई खिलाड़ी एएमयू की ही देन हैं।

100 साल के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ, जब यहां महिला हॉकी टीम बनाई गई

हमेशा विवादों के लिए चर्चा में रहने वाली एएमयू बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए भी अब लगातार काम कर रह है। 100 साल के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ, जब यहां महिला हॉकी टीम बनाई गई। जिससे राष्ट्रीय खेल में जिले की महिलाओं को भी आगे बढाया जा सके।

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महिलाओं को आगे चलकर विश्व स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जा सके

एएमयू में 2018-19 में स्कूल स्तर पर पहली बार लड़कियों की एक हॉकी टीम तैयार की गई। जिससे कि महिलाओं को आगे चलकर विश्व स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जा सके। हॉकी के विशेषज्ञों व कोच की देखरेख में इन महिला खिलाड़ियों को भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा है। जिससे आगे विश्वविद्यालय की टीम में बदला जाएगा।

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