स्वास्थ

सरकार के परिवार कल्याण कार्यक्रम में लोगों की रूचि नहीं,नसबंदी कराने एक भी पुरुष नहीं आया आगे

Khaskhabar/सरकार के परिवार कल्याण कार्यक्रम में लोगों की रूचि नहीं है। इस कारण अप्रैल से दिसंबर तक जिले में 5656 के लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ 453 नसबंदियां हुई है। जिले का चिकित्सा विभाग कुल लक्ष्य का 8 प्रतिशत ही हासिल कर पाया है। यहां भी जितनी नसबंदी हुई वे सभी महिलाओं ने कराई। अगर हम पुरुषों की बात करें तो सालभर में एक भी पुरुष ने नसबंदी नहीं कराई। जबकि जिले में पुरुष नसबंदी पखवाड़ा 21 नवंबर से 4 दिसम्बर तक चलाया गया।

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इस वर्ष पुरुष नसबंदी का कुल लक्ष्य जिले में 200 रखा गया था जो कुल लक्ष्य की तुलना में मात्र 3.53 फीसदी था, लेकिन अभी तक लक्ष्य की तुलना में जो नसबंदी हुई उसमें सिर्फ महिलाएं का योगदान रहा है। पुरुषों के मुकाबले महिलाओं ने नसबंदी करवाने में 8 गुना ज्यादा दिलचस्पी दिखाई। चिकित्सा विभाग का नसबंदी अभियान सरकार के स्तर पर तो जोर-शोर से चलाया जाता है, लेकिन इसके लिए महिला-पुरुषों को मोटिवेट करने की जिम्मेदार एएनएम, आंगनबाड़ी की महिला कर्मचारियों को खासी मशक्कत करनी पड़ती है।

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परिवार कल्याण:नसबंदी कराने एक भी पुरुष नहीं आए

2019-20 में महिला, पुरुष नसबंदी का लक्ष्य भी इसी साल की तरह था। लक्ष्य की तुलना में एक प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त विभाग नहीं कर पाया। जबकि पिछले साल 3875 महिलाओं ने नसबंदी करवाई थी।पिछले साल भी 200 था लक्ष्य

पिछले साल 68.5% किया था लक्ष्य पूरा

एक अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2020 तक विभाग ने इस वर्ष की तरह 5656 का लक्ष्य दिया था। इसमें पुरुष नसबंदी 200, महिला नसबंदी 5456 का लक्ष्य था। ऐसे में विभाग कुल 3875 केस करके 68.5 प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर सका। इस साल कोरोना संक्रमण की वजह से भी नसबंदी शिविरों का नियमित संचालन नहीं हो सका। हालाकि अभी लक्ष्य पूरा करने के लिए विभाग के पास 4 माह का समय बचा है।

पिछले साल भी जिले में एक भी पुरुष की नसबंदी नहीं हुई

पुरुष अक्सर नसबंदी करवाने में रूचि नहीं दिखाते हैं, यही कारण है कि जहां पिछले साल भी जिले में एक भी पुरुष की नसबंदी नहीं हुई और वहीं इस वर्ष भी पिछले साल की तरह स्थिति बनती हुई दिखाई दे रही है। उल्लेखनीय है कि पिछले साल विभाग ने 68.5 फीसदी लक्ष्य पूरा किया था। इस वर्ष चिकित्सा विभाग ने जिले में 2020-21 का नसबंदी का कुल लक्ष्य 5656 दिया था। इसमें से पुरुष नसबंदी 200, महिला नसबंदी 5456 का लक्ष्य था। जिला मुख्यालय तो दूर की बात जिले के मुंगावली, चंदेरी, ईसागढ़ के अलावा अन्य सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जहां पर नसबंदी शिविर लगते हैं वहां भी एक पुरुष नसबंदी का आंकड़ा शून्य पर है।

परिवार कल्याण:14 दिन का पखवाड़ा चलाया, लेकिन पुरुषों ने नहीं दिखाई दिलचस्पी

जिले में 21 नवंबर से 4 दिसंबर तक 14 दिन का पुरुष नसबंदी पखवाड़ा चलाया गया। इस पखवाड़ा का उद्देश्य परिवार नियोजन में पुरुषों की भागीदारी बढ़ाना था। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने प्रचार-प्रसार भी किया। जिसमें पुरुषों की नसबंदी कराने वाले को सरकार की तरफ से 2 हजार और प्रेरक को 300 रुपए का प्रोत्साहन भी घोषित किया गया। इसके बाद पखवाड़ा 14 दिन चला और शुक्रवार को समाप्त हुआ लेकिन एक भी नसबंदी पुरुषों की नहीं हो सकी।

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इन बातों का ध्यान रख बचा जा सकता है कोविड-19 से

  • – सार्वजानिक स्थानों पर लोगों से दूरी बनाएं
  • – कम से कम दो मास्क रखें। घर में बनाए गए मास्क को समय समय पर धुलते रहें
  • – अपनी आंख, नाक एवं मुंह को छूने से बचें
  • – हाथों को नियमित रूप से साबुन एवं पानी से अच्छी तरफ साफ करें
  • – आल्कोहल आधारित हैण्ड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें
  • – तंबाकू, खैनी आदि का प्रयोग नहीं करें, न ही सार्वजनिक स्थानों पर थूकें।

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