राष्ट्रीय

मिस इंडिया 2020 रनरअप मान्या सिंह मां के छुए पैर तो पिता के आंसू पोंछते आयी नज़र,खिताब के साथ जीता लाखो का दिल

Khaskhabar/फेमिना मिस इंडिया (Femina Miss India) में यूं तो मानसा वाराणसी ने वीएलसीसी मिस इंडिया 2020 का खिताब अपने नाम किया है, लेकिन इसकी फर्स्ट रनर अप मान्या सिंह (Manya Singh) लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं. मान्या सिंह भले ही फर्स्ट रनरअप रहीं, लेकिन अपने जज्बे और लगन ने उन्होंने यह खिताब जीतने के साथ-साथ देश के लाखों लोगों का भी दिल जीत लिया.

Khaskhabar/फेमिना मिस इंडिया (Femina Miss India) में यूं तो मानसा वाराणसी ने वीएलसीसी मिस इंडिया 2020 का खिताब अपने नाम किया है, लेकिन इसकी फर्स्ट रनर अप मान्या सिंह (Manya Singh) लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं. मान्या सिंह भले ही फर्स्ट रनरअप रहीं, लेकिन अपने जज्बे और लगन ने उन्होंने यह

मान्या के पिता रिक्शा चालक हैं और 14 साल की उम्र में ही वह अपने सपनों को पूरा करने के लिए घर से भाग गई थीं. उनका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें वह अपने मम्मी के पैर छूते हुए और पापा को गले लगाते हुए दिखाई दे रही हैं.

मम्मी के पैर छुती हैं और उनके आंसुओं को पोछती

मान्या सिंह (Manya Singh) का यह वीडियो वूंपला ने अपने इंस्टाग्राम एकाउंट से शेयर किया है, जिसे अभी तक 2 लाख से भी ज्यादा बार देखा जा चुका है. वीडियो में मान्या सिंह अपनी मम्मी के पैर छुती हैं और उनके आंसुओं को पोछती हैं. वहीं, उनके पिता भी मान्या की जीत से भावुक नजर आते हैं, जिसके बाद मान्या अपने पिता के पास भी जाती हैं और उन्हें गले लगा लेती हैं. मान्या सिंह के इस वीडियो को लेकर फैंस भी खूब कमेंट कर रहे हैं, साथ ही जमकर मान्या सिंह की तारीफें भी कर रहे हैं.

पढ़ाई करना भी काफी मुश्किल हुआ

बता दें कि मान्या (Manya Singh) पीटीआई भाषा को साक्षात्कार दिया था, जिसमें उन्होंने बताया था कि कैसे उनके लिए पढ़ाई करना भी काफी मुश्किल हुआ करता था. मान्या ने कहा, “14 साल की उम्र में, मैं देखती थी कि मेरे आसपास की लड़कियां जीवन का आनंद उठा रही हैं, अच्छे कपड़े पहन रही हैं, स्कूल जा रही हैं. मुझे पता था कि मेरा जीवन उनकी तरह नहीं है.”

यह भी पढ़ेमध्यप्रदेश के इस गांव में हैंडपंप से पानी की जगह निकल रही आग, लोगों को यकीन करना हो रहा मुश्किल

मिस इंडिया मेरा बचपन का सपना नहीं

मान्या के मुताबिक एक बार उनको शैक्षणिक संस्थान में प्रवेश दिलाने के लिए उनकी मां को गहने बेचने पड़े. मान्या ने कहा, “मिस इंडिया मेरा बचपन का सपना नहीं था. लेकिन मैं डॉक्टर या इंजीनियर नहीं बनना चाहती थी. हालांकि उससे मेरे माता-पिता खुश होते लेकिन मैं साधारण जीवन नहीं जीना चाहती थी. मैं जीवन में कुछ ‘मसाला’ चाहती थी.’

और ज्यादा खबरे पढ़ने और जाने के लिए ,अब आप हमे सोशल मीडिया पर भी फॉलो कर सकते है –
ट्विटर पर फॉलो करने के लिए टाइप करे – @khas_khabar एवं न्यूज़ पढ़ने के लिए #khas_khabar फेसबुक पर फॉलो करने के लाइव आप हमारे पेज @socialkhabarlive को फॉलो कर सकते है|