Meeting called by Sonia Gandhi, initiative to unite opposition parties at national level
राष्ट्रीय

सोनिया गांधी की ओर से बुलाई गई बैठक,राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी दलों को एकजुट करने की पहल

Khaskhabar/राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी दलों को एकजुट करने की अब तक की सबसे बड़ी पहल के तहत शुक्रवार को हो रही बैठक में भाजपा के खिलाफ राजनीतिक जंग के लिए साझा रणनीति के प्रारंभिक ब्लू प्रिंट पर चर्चा होगी। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की ओर से बुलाई गई इस बैठक में पेगासस जासूसी कांड और महंगाई के मुद्दे पर मोदी सरकार की लगातार घेरेबंदी जारी रखने के लिए विपक्षी दलों के बीच सहयोग और समन्वय को आगे बढ़ाने का भी एजेंडा शामिल है।

Khaskhabar/राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी दलों को एकजुट करने की अब तक की सबसे बड़ी पहल के तहत शुक्रवार को हो रही बैठक में भाजपा के खिलाफ राजनीतिक जंग के लिए साझा रणनीति के प्रारंभिक ब्लू प्रिंट
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बैठक का उद्देश्य संसद में सरकार के खिलाफ विपक्ष द्वारा प्रदर्शित एकता को मजबूत करना

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की ममता बनर्जी और उद्धव ठाकरे समेत विपक्षी नेताओं के साथ वर्चुअल बैठक शुक्रवार शाम साढ़े चार बजे होगी। बैठक का उद्देश्य संसद में सरकार के खिलाफ विपक्ष द्वारा प्रदर्शित एकता को मजबूत करना है। बैठक में बंगाल और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्रियों के अलावा राकांपा प्रमुख शरद पवार, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी आमंत्रित किया गया है।

कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात करेंगी

शिवसेना के संजय राउत ने पिछले हफ्ते कहा था कि विपक्ष एकजुट है। 20 अगस्त को कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात करेंगी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे भी इस बैठक में हिस्सा लेंगे।बता दें कि सोनिया गांधी की पहल को अगले साल राज्य के चुनावों और 2024 के राष्ट्रीय चुनाव से पहले विपक्ष के कदमों की कुंजी के रूप में देखा जा रहा है, जहां भाजपा सत्ता में तीसरे कार्यकाल वापसी के लिए चुनावी मैदान में होगी।

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ईंधन की बढ़ती कीमतों और तीन कृषि कानूनों के विरोध प्रदर्शन

15 से अधिक विपक्षी दलों ने हाल के मानसून सत्र में संसद में एक संयुक्त मोर्चा रखा था, जो पेगासस जासूसी कांड, ईंधन की बढ़ती कीमतों और तीन कृषि कानूनों के विरोध प्रदर्शन के चलते मुश्किल से ही संसद में काम हो पाया था। इसीलिए संसद के दोनों सदनों को समय से पहले स्थगित कर दिया गया।

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