Like higher educational institutions, now the ranking of schools will also be ready, the school will be of the Standards Authority
राष्ट्रीय

उच्च शिक्षण संस्थानों की तरह अब स्कूलों की भी तैयार होगी रैंक‍िंग,स्कूल स्टैंड‌र्ड्स अथारिटी का होगा

Khaskhabar/अब प्रत्येक स्कूल को स्कूली शिक्षा के एक स्टैंडर्ड मानक को पूरा करना होगा। सभी राज्यों में गठित होने वाली स्टेट स्कूल स्टैंड‌र्ड्स अथारिटी (ट्रिपल एसए) इस पर नजर रखेगी। साथ ही स्कूलों की हर साल राज्य और जिला स्तरीय रैंकिंग भी तैयार करेगी।

Khaskhabar/अब प्रत्येक स्कूल को स्कूली शिक्षा के एक स्टैंडर्ड मानक को पूरा करना होगा। सभी राज्यों में गठित होने वाली स्टेट स्कूल स्टैंड‌र्ड्स अथारिटी (ट्रिपल एसए) इस पर नजर रखेगी
Posted by khaskhabar

इस तरह की रैंकिंग केवल उच्च शिक्षण संस्थानों में ही तैयार की जाती है

माना जा रहा है कि इस नई पहल से स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूती मिलेगी और स्कूलों के बीच प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी।अभी तक इस तरह की रैंकिंग केवल उच्च शिक्षण संस्थानों में ही तैयार की जाती है। इसमें ज्यादातर विश्वविद्यालय और कालेज शामिल हैं। शिक्षा मंत्रालय ने फिलहाल सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ट्रिपल एसए के गठन का टास्क दिया है। इसके तहत सभी राज्यों को इस साल के अंत तक इसका गठन करना है।

राज्यों के शिक्षा बोर्ड के जुड़े निजी और सरकारी दोनों तरह के स्कूल होंगे शामिल

शिक्षा मंत्रालय की योजना वर्ष 2023 से इसे देश के सभी राज्यों में प्रभावी तरीके से लागू करना है। खासबात यह है कि इस अथारिटी के दायरे में राज्यों के शिक्षा बोर्ड के जुड़े निजी और सरकारी दोनों तरह के स्कूल शामिल होंगे। मंत्रालय के मुताबिक इस पर वैसे तो काम काफी पहले ही शुरू हो जाना था लेकिन कोरोना के चलते इसके अमल में देरी हुई है।

तैयारियों के साथ स्कूलों के स्टैंडर्ड के लिए प्रारम्भिक तौर पर मानक तय किए

फिलहाल राज्यों में यह अथारिटी एक स्वतंत्र संस्था के रूप में काम करेगी।हालांकि इसके दायरे से राज्यों में स्थित केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय शामिल नहीं होंगे। शिक्षा मंत्रालय ने इसके अमल तैयारियों के साथ स्कूलों के स्टैंडर्ड के लिए प्रारम्भिक तौर पर जो मानक तय किए है। उनमें सुरक्षा, संरक्षा, मूलभूल ढांचा, सभी विषयों के कक्षावार शिक्षकों की संख्या, वित्तीय स्थिति, इनोवेशन व प्रैक्टिस क्लास रूम की संख्या, बच्चों के सीखने की क्षमता में सुधार की स्थिति और प्रशासनिक क्षमता आदि को शामिल किया है।

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नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में की गई सिफारिशों को देखते हुए कदम उठाया गया

इस सभी जानकारियों को स्कूलों की ओर से ट्रिपल एसए की ओर से तैयार होने वाले डिजिटल प्लेटफार्म पर हर साल अपलोड करना होगा। गौरतलब है कि देश भर में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता को एक जैसा बनाने और स्कूलों का एक स्टैंडर्ड कायम रखने के लिए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में की गई सिफारिशों को देखते हुए कदम उठाया गया है। शिक्षा मंत्रालय का इस समय फोकस नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अमल पर है। 

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