IS wanted to prepare a sleeper cell and an army of fanatical supporters in India, the secret revealed in the interrogation of the arrested terrorists
राष्ट्रीय

भारत में स्लीपर सेल और कट्टर समर्थकों की फौज तैयार करना चाहता था आइएस, गिरफ्तार आतंकियों से पूछताछ में खुला राज

Khaskhabar/इस्लामिक स्टेट (आइएस) पूरे भारत में स्लीपर सेल और कट्टर समर्थकों की फौज तैयार करने में जुटा था। आइएस के गिरफ्तार आतंकियों से पूछताछ में यह राज खुला है। एनआइए के अनुसार इन आतंकियों की देश में तत्काल किसी वारदात को अंजाम देने की योजना नहीं थी, बल्कि वे लंबी कार्ययोजना के तहत काम कर रहे थे। ये पाकिस्तान व अफगानिस्तान सीमा पर सक्रिय अपने आकाओं के साथ लगातार संपर्क में थे।

Khaskhabar/इस्लामिक स्टेट (आइएस) पूरे भारत में स्लीपर सेल और कट्टर समर्थकों की फौज तैयार करने में जुटा था। आइएस के गिरफ्तार आतंकियों से पूछताछ में यह राज खुला है। एनआइए के अनुसार इन आतंकियों की देश में तत्काल किसी वारदात को अंजाम देने की योजना नहीं थी, बल्कि वे लंबी कार्ययोजना के तहत काम कर रहे थे। ये पाकिस्तान व अफगानिस्तान सीमा पर सक्रिय अपने आकाओं के साथ लगातार संपर्क में थे।
Posted by khaskhabar

कर्नाटक के भटकल से जुफरी जौहर दामुदी शुक्रवार को गिरफ्तार

ध्यान देने की बात है कि ‘वायस आफ हिंद’ के नाम से एक आनलाइन पत्रिका निकालने वाले आइएस के माड्यूल का एनआइए ने पर्दाफाश किया था। इस सिलसिले में कर्नाटक के भटकल से जुफरी जौहर दामुदी और इसके सहयोगी अमीन जुहैब को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया था। जुफरी जौहर दामुदी अपनी पहचान बदल अबु हाजिर अल बदरी के नाम से सक्रिय था।

एक वजह जुफरी का आइएम के संस्थापक आतंकी भटकल भाइयों से संबंध

जुफरी और अमीन से अब तक की पूछताछ से साफ हो गया है कि वे इंडियन मुजाहिदीन (आइएम) की तर्ज पर पूरे देश में संगठन खड़ा करना चाहते थे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इसके पीछे एक वजह जुफरी का आइएम के संस्थापक आतंकी भटकल भाइयों से संबंध होना है।

आइएस का ढांचा खड़ा करने की कोशिश में था

दरअसल जुफरी का भाई अदनान हसन दामुदी तीनों भटकल भाइयों यासीन, रियाज और इकबाल भटकल के संपर्क में था और 2017 में एनआइए ने उसे आइएस से जुड़े ही एक मामले में गिरफ्तार किया था। फिलहाल वह जेल में है। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इंडियन मुजाहिदीन की कार्यप्रणाली और पूरे देश में फैलाव से वाकिफ जुफरी उसी तर्ज पर आइएस का ढांचा खड़ा करने की कोशिश में था।

पूरे देश में स्लीपर सेल खड़ा करने का काम मिला था

एनआइए के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार आतंकियों के पास कोई विस्फोटक सामग्री या हथियार बरामद नहीं हुआ। पूछताछ में जुफरी ने बताया कि उसे फिलहाल आइएस की प्रचार सामग्री को स्थानीय भाषाओं में छपवा कर अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने और पूरे देश में स्लीपर सेल खड़ा करने का काम मिला था। जुफरी आइएस की अरबी में भेजे गई प्रचार सामग्री का मलयालम में अनुवाद करता था और इसके जरिये युवाओं को आइएस के लिए तैयार करता था।

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उसे प्रचार सामग्री भी मिलती थी

सूत्रों के अनुसार जुफरी छद्म नाम से पाकिस्तान व अफगानिस्तान की सीमा पर सक्रिय आइएस के आतंकी आकाओं के साथ लगातार संपर्क में था। वहीं से उसे प्रचार सामग्री भी मिलती थी। जिन आइएस आतंकियों में वह संपर्क में था, उसमें एजाज अहंगर उर्फ अबु उस्मान अल कश्मीरी भी शामिल है। ध्यान देने के बात है कि अल कश्मीरी, आइएस जम्मू-कश्मीर का वली (प्रमुख) भी है। पिछले साल काबुल में गुरुद्वारे पर हमले के बाद अफगानी सैन्य बलों ने इसे गिरफ्तार कर लिया था। 

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