राष्ट्रीय

Army Day :दुश्मन की गोली झेलने वाले दुनिया की पहली यूनिवर्सल बुलेटप्रूफ जैकेट ‘शक्ति’ बनाने वाले भारतीय सेना के मेजर

Khaskhabar/सेना के मेजर अनूप मिश्रा (Major Anoop Mishra) ने दुनिया की पहली यूनिवर्सल बुलेटप्रूफ जैकेट (world’s first universal bulletproof jacket) विकसित की है. इस स्वदेशी बुलेटप्रूफ जैकेट को ‘शक्ति’ (Shakti) नाम दिया गया है. इस जैकेट की सबसे खास बात यह है कि इसे महिला और पुरुष दोनों ही पहन सकते हैं, जो कि इसे बाकी बुलेटप्रूफ जैकेट से अलग बनाती है. इसके साथ ही यह जैकेट दुनिया का पहला फ्लेक्सिबल बॉडी आर्मर (world’s first flexible body armour) भी है.भारतीय सेना (Indian Army) ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है.

Khaskhabar/सेना के मेजर अनूप मिश्रा (Major Anoop Mishra) ने दुनिया की पहली यूनिवर्सल बुलेटप्रूफ जैकेट (world's first universal bulletproof jacket) विकसित की है. इस स्वदेशी बुलेटप्रूफ जैकेट को 'शक्ति' (Shakti) नाम दिया गया है. इस जैकेट की सबसे खास बात यह है कि इसे महिला और पुरुष दोनों ही पहन सकते हैं, जो कि इसे बाकी बुलेटप्रूफ जैकेट से अलग बनाती है. इसके साथ ही यह
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इसके अलावा भारतीय सेना ने अपनी सीमाओं पर निगरानी को और बेहतर करने के लिए स्विच ड्रोन (Switch drone) की खरीद के लिए एक समझौते पर दस्तखत किए हैं. वर्टिकल उड़ान भरने और लैंड करने वाले ये ड्रोम (vertical take-off & landing drone) अधिकतम 4500 मीटर की ऊंचाई पर लगातार 2 घंटे तक उड़ान भर सकते हैं.

इस जैकेट को उन्होंने ‘शक्ति’ नाम दिया है. इसकी सबसे खास बात यह है कि इस जैकेट को महिला और पुरुष दोनों ही सैनिक पहन सकते हैं. इसकी यह खासियत इसे बाकी बुलेटप्रूफ जैकेट से अलग बनाती है. इसके साथ यह दुनिया का पहला फ्लेक्सिबल बॉडी आर्मर भी है.

इसके अलावा सेना के अधिकारी कैप्टन राजप्रसाद ने खदानों की सुरक्षा और आईईडी के निपटान के लिए एक मानव रहित रोबोट प्लेटफार्म विकसित किया है. कैप्टन राजप्रसाद ने लक्ष्यों की लंबी दूरी की फायरिंग के लिए वायरलेस इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेशन सिस्टम विकसित किया है. भारतीय सेना इसे सेना दिवस पर प्रदर्शित करेगी.

फुल बॉडी स्वदेशी बुलेटप्रूफ जैकेट भी बनाई

मेजर मिश्रा फुल बॉडी स्वदेशी बुलेटप्रूफ जैकेट भी बना चुके हैं. जैकेट स्नाइपर की गोलियों को भी झेलने की क्षमता रखती है. जैकेट का नाम ‘सर्वत्र’ रखा गया. इसके लिए तत्कालीन सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने उनका हौसला बढ़ाया था और उन्होंने मेजर मिश्रा को आर्मी डिजाइन ब्यूरो एक्सीलेंस अवॉर्ड से सम्मानित किया था. मिश्रा की जैकेट से सीमा पार से होने वाली नापाक हरकतों से सैनिक सुरक्षित रह सकते हैं और भारतीय सेना को एक बड़ा फायदा हो सकता है.

जम्मू-कश्मीर में एक ऑपरेशन के दौरान लगी थी गोली

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बताया जाता है कि मेजर अनूप मिश्रा जम्मू-कश्मीर में तैनाती के दौरान एक ऑपरेशन में गोली से लगने से परेशानी में आ गए थे. ऑपरेशन के समय उन्होंने बुलेट प्रूफ जैकेट पहन रखी थी. गोली उनके शरीर को भेदने में नाकाम हो गई थी, लेकिन उन्हें चोट पहुंचा गई थी. इसी के बाद उन्होंने बुलेट प्रूफ जैकेट बनाने का सोच लिया था. अनूप मिश्रा भारतीय सेना के कॉलेज ऑफ मिलिट्री इंजीनियरिंग के लिए काम करते हैं.

बीते साल 7 फरवरी को डिफेंस एक्सपो 2020 में उनके बुलेट प्रूफ जैकेट को प्रदर्शित किया था, जिसने खूब सुर्खियां बटोरी थीं. बताया गया था कि बुलेटप्रूफ हेलमेट 10 मीटर की दूरी से चलाई गई एके-47 की गोली बड़ी आसानी से रोक सकता है और सैनिक की जान को बचा सकता है. हेलमेट को ‘अभेद प्रोजेक्ट’ के अंतर्गत बनाया गया था.

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