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कारोबार राष्ट्रीय

सरकार ने तोड़ी किसानो की कमर,खादों के दाम में बेहताशा वृद्घि 1200 रुपये से 1900 रुपये हुई कीमत

Khaskhabar/छत्तीसगढ़ में रासायनिक खादों के दाम में बेतहाशा बढ़ोतरी हो गई है। केंद्र के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय (केमिकल एंड फर्टिलाइजर मिनिस्ट्री) के अंतर्गत आने वाले इफको ने खाद के दामों में लगभग डेढ़ गुना की वृद्धि की है।आम आदमी पार्टी के प्रदेश सह संगठन मंत्री शिवनाथ केशरवानी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस प्रकार वह काम कर रही है उससे ये साबित होता है कि देश व देश की जनता से उनका कोई सरोकार नहीं है।

Khaskhabar/छत्तीसगढ़ में रासायनिक खादों के दाम में बेतहाशा बढ़ोतरी हो गई है। केंद्र के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय (केमिकल एंड फर्टिलाइजर मिनिस्ट्री) के अंतर्गत आने वाले इफको ने खाद के दामों में लगभग डेढ़ गुना
Posted by khaskhabar

रबी सीजन 2020-21 में 1200 रुपये प्रति बोरी की दर से दी गई थी

12 सौ रुपये वाले डीएपी की कीमत बढ़कर 19 सौ रुपये हो गई है। अब डीएपी के मूल्य में लगभग 58 फीसद की एकाएक वृद्धि से किसान हैरान हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 खरीफ सीजन में डीएपी खाद किसानों को 1150 रुपये प्रति बोरी की दर से व रबी सीजन 2020-21 में 1200 रुपये प्रति बोरी की दर से दी गई थी। अब ये 1900 रुपये हो गई है। इस तरह रासायनिक खाद एनपीके के दाम में भी प्रति बोरी 565 रुपये की वृद्धि की गई है।

रासायनिक खाद एमओपी के दाम में भी प्रति बोरी 150 रुपये की वृद्धि

अब यह खाद किसानों को 1185 रुपये प्रति बोरी के स्थान पर 1747 रुपये प्रति बोरी देकर खरीदना होगा। सिंगल सुपर फास्फेट के सभी प्रकार के खादों के दाम में प्रति बोरी लगभग 36 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। रासायनिक खाद एमओपी के दाम में भी प्रति बोरी 150 रुपये की वृद्धि की गई है। इसका दाम 850 रुपये प्रति बोरी से बढ़ाकर 1000 रुपये प्रति बोरी कर दिया गया है।

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मूल्यों में और बेतहाशा वृद्धि करने से किसान मुसीबतों के दौर से गुजर रहे

कोरोना की वजह से पहले ही आम लोगों के साथ-साथ किसानों की भी हालत खराब है। ऐसे में खाद के दामों में और कमी कर उनको संबल देने की जगह मूल्यों में और बेतहाशा वृद्धि करने से किसान मुसीबतों के दौर से गुजर रहे हैं। ऐसे में केंद्र सरकार को बढ़ाए हुए दामों को किसानों के हित को देखते हुए जल्द वापस लेना चाहिए और राज्य की भूपेश सरकार को किसानों को खाद पर सब्सिडी देना चाहिए, जिससे किसानों को राहत मिल सके।

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