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बायकॉट चाइना में सबसे बड़ा योगदान जवागल श्रीनाथ,माइक्रो ब्लॉगिंग ऐप Koo से खत्म हुआ चाइनीज कनेक्शन

Khaskhabar/भारतीय माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म Koo इन दिनों काफी पॉपुलर हो रहा है. लेकिन इसके बाद खबर आई कि इसमें चीनी कंपनी का निवेश है जिसपर इसे काफी विरोध का भी सामना करना पड़ा. अब खबर आई है कि चीनी कंपनी के निवेश को खरीद लिया गया है. इस ऐप का अधिकार रखने वाली कंपनी बॉम्बिनेट टेक्नोलॉजीज ने जानकारी दी है कि इसके मौजूदा निवेशकों और कुछ भारतीयों ने इस कंपनी में चीन स्थित शुनवेई कैपिटल के हिस्सेदारी को खरीद लिया है.

Khaskhabar/भारतीय माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म Koo इन दिनों काफी पॉपुलर हो रहा है. लेकिन इसके बाद खबर आई कि इसमें चीनी कंपनी का निवेश है जिसपर इसे काफी विरोध का भी सामना करना पड़ा. अब खबर आई है कि चीनी कंपनी के निवेश
Posted by khaskhabar

देसी ट्विटर बताकर प्रचारित किए गए Koo ऐप का चाइनीज कनेक्शन टूट गया है. मतलब इसमें जिस चाइनीज कंपनी ने दाएं-बाएं करके पैसा लगा रखा था, अब उसने टाटा बाय बाय कर दिया है. और ये हिस्सेदारी खरीदी किसने है? फ्लिपकार्ट के सीईओ कल्याण कृष्णमूर्ति, टीम इंडिया के क्रिकेटर रहे जवागल श्रीनाथ, bookmyshow के फाउंडर आशीष हेमराजानी, उड़ान के को-फाउंडर सुजीत कुमार और ज़ेरोधा के फाउंडर निखिल कामत आदि ने.

9 फीसदी हिस्सेदारी थी

शुनवेई कैपिटल की कू ऐप की पैरेंट कंपनी बॉम्बनेट टेक्नोलॉजीज में करीब 9 फीसद की हिस्सेदारी थी. शुनवेई कैपिटल ने 2018 में इसमें करीब 36.28 करोड़ रुपये का निवेश किया था. शुनवेई कैपिटल के फाउंडर लेई जून और टक लाई कोह हैं, जो शाओमी के फाउंडर भी हैं. वही शाओमी, जो भारत के स्मार्टफोन मार्केट में टॉप की कंपनी है. अब शुनवेई कैपिटल ने Koo ऐप में अपनी हिस्सेदारी बेच दी है.

सबकी पहली पसंद बना है Koo ऐप

आपको बता दें कि इन दिनों Koo ऐप फिल्म स्टार्स से लेकर राजनेताओं तक सबकी पहली पसंद बना हुआ है. इस ऐप पर अब तक कई नेता और एक्टर्स अपना अकाउंट बना चुके हैं जिसमें कंगना रनौत, अनुपम खेर, पीयूष गोयल आदि जैसे लोगों का नाम शामिल है. इसके अलाव इस ऐप पर क्रिकेटर्स भी अपना अकाउंट बना रहे हैं जिसमें अनिल कुंबले और जवागल श्रीनाथ जैसे लोगों का नाम शामिल है.

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माइक्रो ब्लॉगिंग ऐप Koo के निवेशकों में एस्सेल पार्टनर्स

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार और ट्विटर के बीच तनातनी के बाद Koo को खासी चर्चा मिली है. इसके बाद पिछले महीने तक Koo को तीस लाख से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है तथा इसके 10 लाख से अधिक सक्रिय यूजर हो चुके हैं. बता दें कि Koo के निवेशकों में एस्सेल पार्टनर्स, 3वन4 कैपिटल, ब्लूम वेंचर्स और कलारी कैपिटल्स शामिल हैं.

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