First successful flight of India's 'lethal' drone, China-Pakistan will tremble with fear
राष्ट्रीय

भारत के ‘घातक’ स्टेल्थ ड्रोन की पहली बार सफल उड़ान, डर से कांपेंगे चीन-पाकिस्तान

Khaskhabar/DRDO ने 1 जुलाई 2022 को एक बहुत बड़ा टेस्ट किया है. यह परीक्षण सफल रहा. यह भारत का स्टेल्थ ड्रोन है, जो भविष्य में पाकिस्तान और चीन की नाक में दम कर देगा. इसमें ज्यादा दिन लगेंगे नहीं. क्योंकि आज की उड़ान सफल रही है.

Khaskhabar/DRDO ने 1 जुलाई 2022 को एक बहुत बड़ा टेस्ट किया है. यह परीक्षण सफल रहा. यह भारत का स्टेल्थ ड्रोन है, जो भविष्य में पाकिस्तान और चीन की नाक में दम कर देगा
Posted by khaskhabar

उड़ान कर्नाटक के चित्रदुर्ग स्थित एयरोनॉटिकल टेस्ट रेंज में की गई

रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने पहली बार ऑटोनॉमस फ्लाइंग विंग टेक्नोलॉजी डिमॉन्स्ट्रेटर (Autonomous Flying Wing Technology Demonstrator- AFWTD) को उड़ाया. यह उड़ान कर्नाटक के चित्रदुर्ग स्थित एयरोनॉटिकल टेस्ट रेंज में की गई.

टेकऑफ लिया, वे प्वाइंट नेविगेशन और आसानी से लैंडिंग की

अमेरिका के बी-2 बमवर्षक की तरह दिखने वाला ये विमान पूरी तरह से स्वचालित था. इसने खुद ही टेकऑफ लिया, वे प्वाइंट नेविगेशन और आसानी से लैंडिंग की.  यह उड़ान भविष्य के मानव रहित विमानों के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों को साबित करने के मामले में एक प्रमुख उपलब्धि है.

उपयोग किए जाने वाले एयरफ्रेम, अंडर कैरिज और संपूर्ण उड़ान नियंत्रण और एवियोनिक्स सिस्टम स्वदेशी

यह देश की रक्षा को लेकर भी बड़ा कदम है. इसे बेंगलुरु स्थित एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट इस्टैबलिशमेंट (ADE) ने बनाया है. यह एक छोटे टर्बोफैन इंजन से उड़ता है. विमान के लिए उपयोग किए जाने वाले एयरफ्रेम, अंडर कैरिज और संपूर्ण उड़ान नियंत्रण और एवियोनिक्स सिस्टम स्वदेशी हैं.

सैन्य प्रणालियों के रूप में ‘आत्मनिर्भर भारत’ का मार्ग भी प्रशस्त होगा

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ को बधाई देते हुए कहा कि यह स्वायत्त विमानों की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है. इससे महत्वपूर्ण सैन्य प्रणालियों के रूप में ‘आत्मनिर्भर भारत’ का मार्ग भी प्रशस्त होगा. 21वीं सदी की लड़ाइयों में मानव रहित विमान यानी यूएवी (UAV) एक अभिन्न हिस्सा हैं. पिछले दस सालों में इनका उपयोग बढ़ गया है. यूएवी को बीते साल के आर्मीनिया और अजरबैजान के बीच हुए नागोर्नो-कराबाख संघर्ष के दौरान पहचान मिल गई है, जिसमें युद्ध के मैदान पर ड्रोन पूरी तरह से हावी हो गए थे.

पिछले साल भारतीय सेना प्रमुख ने बताया था कि ड्रोन हमले का खतरा कितना गंभीर

यूएवी यानी ड्रोन तकनीक तक अब आतंकियों की भी पहुंच बनती जा रही है. ये इनसे हमला करते हैं. लोगों को मारते हैं. नुकसान पहुंचाते हैं. आपने पाकिस्तान से भेजे गए ड्रोन और उनके हमलों के बारें में सुना और पढ़ा तो होगा ही. पिछले साल भारतीय सेना प्रमुख ने बताया था कि ड्रोन हमले का खतरा कितना गंभीर है. साथ ही भारत के यूएवी ड्रोन बेड़े को मजबूत करने की जरूरत पर बल दिया था.

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प्रभावी लड़ाकू ड्रोन (Combat Drone) बनाने के स्वदेशी प्रयास चल रहे

देश में प्रभावी लड़ाकू स्टेल्थ ड्रोन (Combat Drone) बनाने के स्वदेशी प्रयास चल रहे हैं. चित्रदुर्ग में किया गया परीक्षण इसी प्रयास में एक बड़ा कदम है. इसका मतलब है ये कि भारतीय सेना तीन-चार साल में स्वदेशी स्टेल्थ ड्रोन की मदद से सीमाओं पर निगरानी करने लगेगा. आतंकियों के अड्डों पर हमला करने में सक्षम हो जाएगा. 

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