ven after the completion of the sentence, the Bangladeshi woman remains a prisoner
राष्ट्रीय

सजा काटने के बाद भी बिहार की जेल में बंद है बांग्लादेश की रूपा,जानें- क्या है पूरा मामला?

Khaskhabar/सजा पूरी होने के बाद किसी भी कैदी को रिहा करने का प्रावधान है. लेकिन प्रशासनिक लापरवाही की वजह से सूबे के बिहारशरीफ जेल में बांग्लादेशी महिला सजा पूरी करने के बाद भी कैदी बनी हुई है. उसकी अब तक रिहाई नहीं की गयी है. मामला नूरसराय थाना क्षेत्र का है. दरअसल, साल 2019 में पुलिस ने जिले के अहियापुर मोड़ से बांग्लादेशी महिला रिया आफरीन रूपा को भटकते हुए बरामद किया था.

Khaskhabar/सजा पूरी होने के बाद किसी भी कैदी को रिहा करने का प्रावधान है. लेकिन प्रशासनिक लापरवाही की वजह से सूबे के बिहारशरीफ जेल में बांग्लादेशी
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2019 में बिहार में मिली थी बांग्लादेश की रूपा

नूरसराय थाना पुलिस ने साल 2019 को अहियापुर मोड़ से बांग्लादेशी महिला रिया आफरीन ऊर्फ रूपा को भटकते हुए बरामद किया था। पूछताछ में महिला ने अपनी पहचान बांग्लादेश निवासी रूपा बताते हुए वर्तमान पता पश्चिम बंगाल बताया। इसके बाद पुलिस ने महिला को शांति कुटीर भेज दिया।

मगर पुलिस जांच में महिला की पहचान बांग्लादेश के खुलना जिला के खलिसपुर थाना क्षेत्र निवासी मोहम्मद शाहजहां की पत्नी रिया आफरीन रूपा के रूप में की गई। महिला पश्चिम बंगाल से नहीं बल्कि बांग्लादेश से नालंदा आई थी। उसके पास भारत आने संबंधी किसी तरह का दस्तावेज नहीं था। इस कारण विदेशी अधिनियम की धारा के तहत केस दर्ज कर उसे न्यायालय के सुपुर्द कर दिया गया।

कोर्ट ने एसपी को दिया था निर्देश

इस मामले में कोर्ट ने उसे 1 वर्ष 7 दिन की सजा सुनाई। महिला की सजा 22 जनवरी को पूरी हो गई। कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में सजा पूरी होने के बाद एसपी को महिला को विदेश भेजने में सहयोग करने का निर्देश दिया था। इसके बाद भी उसे बांग्लादेश भेजने का प्रबंध नालंदा पुलिस या जिला प्रशासन ने नहीं किया। इस वजह से कारण महिला जेल में ही कैदी की तरह रह रही है।

जेल प्रशासन ने इस बाबत नालंदा एसपी को पत्र भेजकर कोर्ट की टिप्पणी से अवगत करा दिया था। रिया आफरीन उर्फ रूपा को 5 दिसंबर 2019 को जेल लाया गया। कोर्ट ने उसे एक वर्ष की सजा सुनाते हुए 500 रुपए का जुर्माना मुकर्रर किया था। जुर्माना नहीं देने पर 7 दिनों की उसे अतिरिक्त सजा मिली। 22 जनवरी 2021 को रूपा की सजा पूरी हो गई।

सजा पूरी होने के बाद भी 40 दिनों से बंदियों की तरह है रूपा

सजा पूरी करने के बाद भी रूपा 40 दिनों से जेल में बंदियों की तरह रह रही है। इसके बाद जिला या पुलिस प्रशासन ने उसे विदेश भेजने की व्यवस्था नहीं की। जबकि कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में स्पष्ट निर्देश दिया था कि विदेश मंत्रालय या गृह विभाग से संपर्क कर रूपा को विदेश भेजने की व्यवस्था की जाए।

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क्या बोले पीपी?

बिहारशरीफ कोर्ट के पीपी अधिवक्ता मो.कैंसर इमाम ने बताया कि महिला ने 40 दिनों पूर्व ही अपनी सजा पूरी कर ली है. एसपी द्वारा प्रयास किया जा रहा है. किसी भी दूसरे देश के व्यक्ति को उनके वतन पहुंचाने की एक प्रकिया होती है, जिसमें थोड़ा वक्त लगता है. इन्हें भी जल्द उनके वतन भेज दिया जाएगा.

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