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Earthquake:भारत के साथ-साथ रूस के इरकुत्स्क क्षेत्र में भूकंप के झटके, 5.9 रही तीव्रता

Khaskhabar/Earthquake:हाल ही में अभी उत्तरकाशी (Uttarkashi) में सोमवार रात करीब 9 बजे भूकंप (Earthquake) के झटके महसूस किए गए। जबकि रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 3.4 थी।तो वही कोरोना वायरस के बीच रूस के इरकुत्स्क क्षेत्र में आज भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की 5.9 रही। राहत की बात यह रही कि इन झटकों से किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ है। बता दें कि इससे पहले भी कोरोना काल में देश-दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में भूकंप आ चुका है।

Khaskhabar/Earthquake:हाल ही में अभी उत्तरकाशी (Uttarkashi) में
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इससे पहले 25 मार्च के भी आया था भूकंप

इससे पहले रूस में 25 मार्च को भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। समाचार एजेंसी एएफपी ने अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के हवाले से जानकारी देते हुए कहा था कि रूस के कुरील द्वीप समूह में 7.5 तीव्रता का भूकंप आया। यूएसजीएस के मुताबिक, भूकंप का केंद्र 59 किलोमीटर (37 मील) की गहराई पाया गया। अमेरिका के राष्ट्रीय सुनामी चेतावनी केंद्र ने कहा है कि फिलहाल इस भूकंप के खतरे का विश्लेषण किया जा रहा है।

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भारत में भी हाल ही में आये कई भूकंप

नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक, सोमवार रात उत्तरकाशी के निकट रिक्टर पैमाने पर 3.5 तीव्रता वाले भूकंप (Earthquake) के झटके महसूस किए गए। एजेंसी के अनुसार, भूकंप का केंद्र उत्तरकाशी, उत्‍तराखंड से 50 किलोमीटर उत्तर में था। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक, यह भूकंप सतह से 10 किलोमीटर की गहराई में आया।

सुनामी का भी बना हुआ खतरा

रूस के कुरील द्वीप समूह के उत्तरी हिस्से में रहने वाले निवासियों को तट पर 7.5 तीव्रता के भूकंप के बाद सुनामी का खतरा बना हुआ है, लेकिन आपातकालीन सेवाओं ने छोटी लहरें और कोई हताहत या क्षति नहीं होने की सूचना दी। रूस की आपातकालीन सेवाओं के मुताबिक, सखालिन सेवरो-कुरीलस्क में एक सुनामी लहर आ गई.

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लहर की ऊंचाई लगभग 50 सेमी

एजेंसी के मुताबिक, अमेरिका के कुछ तटीय क्षेत्रों में समुद्र के स्तर में गैर-हानिकारक परिवर्तन हो सकते हैं।आपातकालीन सेवाओं ने सुनामी के खतरे के बीच बताया था कि लहर की ऊंचाई लगभग 50 सेमी (20 इंच) थी। निवासी उच्च भूमि पर एक सुरक्षित क्षेत्र में रहेंगे। उन्होंने साथ ही खतरे को रद करने का निर्णय जोड़ने के बाद कहा था कि इसका खतरा विशेषज्ञों द्वारा कम किया जाएगा। वहीं अमेरिकी प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र ने कहा था कि देश के पश्चिमी तट, अलास्का और कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया ने भूकंप से किसी भी सुनामी के खतरे का सामना नहीं किया।

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