राष्ट्रीय

सीटेट पेपर लीक मामले में पुलिस अभ्यर्थियों से आगे नहीं बढ़ पा रही,कॉलेजों से जुड़े पेपर लीक होने के तार

Khaskhabar/केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटेट) का पेपर लीक मामले में पुलिस अभ्यर्थियों से आगे नहीं बढ़ पा रही है। अभी तक 13 आरोपितों को पुलिस जेल भेज चुकी है। इनमें एक कोचिंग संचालक और एक शिक्षक के अलावा सभी अभ्यर्थी थे। पांच जिलों में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। इसके बाद भी पेपर लीक करने वाले और साल्वर गैंग के सदस्यों की जानकारी करने में पुलिस नाकाम साबित हो रही है। अब पुलिस कुछ कालेजों में जाकर पेपर लीक मामले में जानकारी कर रही है।

Khaskhabar/केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटेट) का पेपर लीक मामले में पुलिस अभ्यर्थियों से आगे नहीं बढ़ पा रही है। अभी तक 13 आरोपितों को पुलिस जेल भेज चुकी है। इनमें एक कोचिंग संचालक और एक शिक्षक के अलावा सभी अभ्यर्थी थे। पांच जिलों में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। इसके बाद भी पेपर लीक करने वाले
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सीटेट का साल्वड पेपर लीक करने के मामले में पुलिस ने दो फरवरी को एपेक्स कोचिंग के संचालक विकास शर्मा, शिक्षक प्रभात, छात्र कुलदीप फौजदार, थान सिंह और मोहित यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इनसे पूछताछ में पता चला कि मोहित को पेपर प्रतापगढ़ के विकास यादव ने वाट्सएप किया था। पुलिस ने प्रतापगढ़ के विकास यादव और भदोही के अमर साहनी को गिरफ्तार किया। इसके बाद एटा के अलीगंज से पुलिस ने अमनराज, सुमित और डिंपल यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजा।

जेल भेजे गए आरोपितों से कड़ियां जोड़कर पुलिस मुख्य आरोपितों तक पहुंचने का कर रही प्रयास

इसके बाद भी पेपर लीक करने वाले मुख्य आरोपित का पता नहीं चला। मैनपुरी, कन्नौज और एटा के तीन आरोपितों को और पकड़ा गया। अब तक जेल भेजे गए आरोपितों से कड़ियां जोड़कर पुलिस मुख्य आरोपितों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। मगर, पुलिस इन कड़ियों को जोड़ पाने में सफल नहीं हो रही। जेल भेजे गए आरोपितों के मोबाइल पर परीक्षा से पहले सीटेट का पेपर आया था। इसके बाद उन्होंने पेपर वायरल कर दिया।

जिलों की कई कालेज शक के दायरे में

पुलिस को पहले गाजीपुर के एक परीक्षा केंद्र से पेपर लीक होने का शक था। अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है। प्रतापगढ़, उन्नाव, कानपुर, प्रयागराज और गाजीपुर तक पुलिस की टीम गई है। इन जिलों की कई कालेज शक के दायरे में हैं। इनके बारे में जानकारी की जा रही है। एसएसपी बबलू कुमार का कहना है कि सीटेट का पेपर लीक करने वालों के बारे में जानकारी की जा रही है।

एजेंटों ने बेचा था हल प्रश्न पत्र

जेल जा चुके आरोपियों के पास हल प्रश्न पत्र आया था। किसी को कोचिंग के अध्यापक से मिला तो किसी को एजेंट से। पुलिस ने पहले अभ्यर्थियों की मोबाइल कॉल डिटेल निकलवाई। फिर एजेंटों की। इसमें जो संदिग्ध नंबर मिले, अब उन पर पड़ताल चल रही है। ये कॉलेजों के कर्मचारी बताए गए हैं।

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विवेचना में मिले और सुराग

एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि पेपर लीक मामले की विवेचना में कुछ सुराग मिले हैं। कई मोबाइल नंबर पर काम किया जा रहा है। कुछ और संदिग्धों के नाम सामने आए हैं, उनसे पूछताछ के लिए टीमें भेजी गई हैं। 

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