Budget 2022: The shadow of Corona can be seen on presenting the general budget
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Budget 2022 : आम बजट पेश करने पर दिख सकता है कोरोना का साया

Khaskhabar/Budget 2022 :पिछले एक साल तक भारत ही नहीं विश्व में सबकुछ कोरोना केंद्रित रहा। मानव जीवन, सोच और पूरी गतिविधि उसके आसपास घूमती रही। फिर से कोरोना के बदले हुए रूप का साया मंडराने लगा है और यह माना जा रहा है कि एक फरवरी को जब आम बजट पेश किया जाएगा तो संभवत: ओमिक्रोन अपने चरम पर होगा।

Khaskhabar/Budget 2022 :पिछले एक साल तक भारत ही नहीं विश्व में सबकुछ कोरोना केंद्रित रहा। मानव जीवन, सोच और पूरी गतिविधि उसके आसपास घूमती रही। फिर से कोरोना के बदले
Posted by khaskhabar

आम बजट के बाद के फैसले ज्यादा अहम हो गए थे

आशंका तो यह भी है कि अब तक की परंपरा से परे बजट खचाखच भरी संसद में पेश न हो। इसे बहुत सीमित रखा जाए। ऐसे में कुछ सवाल हावी होने लगे हैं. क्या बजट घोषणाओं पर भी संक्रमण का साया होगा? क्या सरकार बड़े फैसलों और कुछ कड़े फैसलों को लेकर सहमी हुई दिखेगी? क्या पिछले साल की पुनरावृत्ति होगी जब आम बजट के बाद के फैसले ज्यादा अहम हो गए थे और राजस्व की कमी से ओठ सूखने लगे थे?

आत्मनिर्भर भारत को यथार्थ बनाने की दिशा में बड़े कदम उठें

संभावना यह जताई जा रही है कि पूरी सतर्कता के साथ सरकार इन सारी आशंकाओं से परे पुरानी गति से ही दौड़ने की तैयारी में दिखे। स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों के महत्व को रेखांकित करते हुए आत्मनिर्भर भारत को यथार्थ बनाने की दिशा में बड़े कदम उठें, आजादी के अमृत महोत्सव को गौरवशाली बनाने की कोशिश हो। 

भविष्य के नए भारत का पूरा खाका तैयार

दरअसल 2023 के चुनावी बजट से पहले यह आखिरी मौका होगा जब सरकार ऐसे निर्णय ले जो 2024 तक जमीन पर उतर आएं और भविष्य के नए भारत का पूरा खाका तैयार करे। एक ऐसा भारत जो कल्याणकारी राज्य की हर जरूरत पूरी करे और वैश्विक मंच पर अव्वल होने की जमीन भी तैयार हो।

कोरोना उपचार को लेकर पूरा तंत्र पहले से तैयार खड़ा है

यह संभवत: पहला मौका है जब बजट तैयारी में स्वास्थ्य मंत्रालय की सोच अहम हो गई है। सूत्रों के अनुसार अब तक के वैश्विक अनुभव के आधार पर माना जा रहा है कि ओमिक्रोन जितनी जल्दी फैलेगा उतनी ही जल्दी उसका असर कम भी होगा। कोरोना उपचार को लेकर पूरा तंत्र पहले से तैयार खड़ा है।  ऐसे में सतर्कता के साथ-साथ थोड़ी निश्चिंतता भी है और यही कारण है कि सरकार सधे पांव आगे बढ़ने को तैयार दिख सकती है।

पिछले सात वर्षों में सरकार का ध्यान लगातार सामाजिक क्षेत्र पर रहा

कृषि क्षेत्र में बड़े बदलाव की जो जमीन तैयार की गई थी वह तो वापस हो गई और हाल फिलहाल इसकी गुंजाइश भी नहीं है लेकिन सुधार नरेन्द्र मोदी सरकार की विशिष्टता रही है और वे दूसरे क्षेत्रों में जारी रहेंगे।पिछले सात वर्षों में सरकार का ध्यान लगातार सामाजिक क्षेत्र पर रहा है और आयुष्मान, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास, उज्‍जवला जैसी बड़ी योजनाओं को ही आकार देने की कोशिश होगी। दरअसल यह राजनीतिक सोच फिर से बदलने लगी है कि विकास चुनाव नहीं जिता सकता। 

पहली बार भारत का स्वास्थ्य बजट दो फीसद के पार

पिछले बजट में पहली बार भारत का स्वास्थ्य बजट दो फीसद के पार गया था। शिक्षा के साथ स्वास्थ्य ही भारत को मानव सूचकांक में ऊपर खड़ा कर सकता है। आगामी बजट में सरकार की यह सोच भी दिख सकती है और कुछ निर्णय भी हो सकते हैं। इसी साल स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं जिसे लेकर देश उत्साहित है। ऐसे में कोई बड़ी घोषणा तो संभवत: लाल किले से होगी लेकिन उसका संकेत बजट में दिख सकता है।

जगत के लिए पैकेज हो लेकिन उनकी राह आसान बनाने को लेकर होंगे निर्णय

मसलन कोई ऐसी घोषणा जो भारत को विश्व में सबसे आगे खड़ा कर सके। आत्मनिर्भर और पथप्रदर्शक बना सके। यह जरूरी नहीं कि उद्योग जगत के लिए पैकेज हो लेकिन उनकी राह आसान बनाने को लेकर निर्णय होंगे। माना जा रहा है कि सरकार का ध्यान इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण पर होगा।पिछले बजट में कैपिटल एक्सपेंडीचर में 30 फीसद से ज्यादा की वृद्धि हुई थी। जो सोच है उसके अनुसार इस बार इस मद में और वृद्धि होगी जिसका असर निवेश पर भी होगा, रोजगार पर भी और देश के राजस्व पर भी।

आयकर दाताओं का दायरा (नेट) बढ़ाने की तैयारी भी की जाएगी

मध्यमवर्ग और आयकरदाताओं पर पड़ रहे भार की बात खुद प्रधानमंत्री कई बार कर चुके हैं। इस भार को इस बार फिर से थोड़ा कम करने की कोशिश होगी। हालांकि इसक साथ ही आयकर दाताओं का दायरा (नेट) बढ़ाने की तैयारी भी की जाएगी।उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों के चुनाव मुहाने पर हैं। अब तक के अनुमान के अनुसार बजट घोषणाओं के आसपास ही चुनावी प्रक्रिया पूरी गति में होगी। ऐसे में थोड़ा लोकलुभावन भी होगा इसकी पूरी संभावना है। 

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हर स्त्रोत से होने वाली आय को और ज्यादा पारदर्शी बनाने का तंत्र मजबूत होगा

जाहिर तौर पर हर स्त्रोत से होने वाली आय को और ज्यादा पारदर्शी बनाने का तंत्र मजबूत होगा। युवा वर्ग पिछले सात साल से मोदी सरकार के साथ खड़ा है। यह वक्त है जब उनकी आकांक्षाओं की पूर्ति होती दिखे। इंफ्रास्ट्रक्चर इसमें बड़ी भूमिका निभाएगा। संभवत: शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर आगामी बजट का मूलमंत्र होगा क्योंकि यही देश के अंदर भी मुद्दों को थामेगा और वैश्विक स्तर पर कदमताल के लायक भी बनाएगा।

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