Amidst talks of peace, Ukraine was hit by attacks, Putin did not agree, American citizens also took up arms
दुनिया

शांति की चर्चा के बीच यूक्रेन पर हमलों की मार, नहीं माने पुतिन,अमेरिकी नागरिकों ने भी उठाए हथियार

 Khaskhabar/यूक्रेन पर रूसी सेना के हमलों के रविवार को दस दिन पूरे हो गए। युद्धविराम के लिए लगातार कोशिश हो रही हैं लेकिन वे सफल नहीं हो रहीं। रविवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और तुर्की के राष्ट्रपति रीसैप तैयप एर्दोगन ने फोन पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात की। रविवार रात मास्को पहुंचे इजरायल के प्रधानमंत्री नाफ्ताली बेनेट ने राष्ट्रपति पुतिन से मिलकर युद्धविराम का अनुरोध किया था।

Khaskhabar/यूक्रेन पर रूसी सेना के हमलों के रविवार को दस दिन पूरे हो गए। युद्धविराम के लिए लगातार कोशिश हो रही हैं लेकिन वे सफल नहीं हो रहीं। रविवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों
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रूस पर और कड़े प्रतिबंध लगाने की मांग की

वहीं पुतिन का जवाब है कि यूक्रेन के हथियार मुक्त करने से कम पर बात नहीं बनेगी। यूक्रेन हथियार मुक्त और तटस्थ भूमिका वाला देश बनने को तैयार हो तो युद्ध रोक दिया जाएगा। जबकि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की हमले रोके जाने की मांग करते हुए लड़ाई जारी रखने के लिए अमेरिका और समर्थक देशों से हथियार भी मांग रहे हैं। उन्होंने रूस पर और कड़े प्रतिबंध लगाने की मांग की है।

आपूर्ति व्यवस्था भंग होने से उन्हें खाने-पीने के सामान

इस बीच राजधानी कीव सहित यूक्रेन के ज्यादातर शहरों में रूस के हमलों से तबाही जारी है। जमीनी और हवाई हमलों के बीच लोग घरों में फंसे हैं। आपूर्ति व्यवस्था भंग होने से उन्हें खाने-पीने के सामान और अन्य जरूरी सामान की किल्लत महसूस हो रही है। भीषण ठंड के मौसम में बिजली और गैस की कमी बच्चे और बुजुर्गो के लिए जान को खतरा पैदा कर रही है।

रूसी हमलों में कई बिजलीघर और आपूर्ति व्यवस्था भी नष्ट हुई

रूसी हमलों के चलते यूक्रेन के छह क्षेत्रों में स्थित 16 गैस वितरण केंद्र बंद हो गए हैं। इसके चलते शहरों में गैस की किल्लत होने का खतरा पैदा हो गया है। जिन क्षेत्रों में गैस वितरण केंद्र बंद हुए हैं, वे कीव, खार्कीव, मीकोलईव, जापोरीजिया, डोनेस्क और लुहांस्क हैं। रूसी हमलों में कई बिजलीघर और आपूर्ति व्यवस्था भी नष्ट हुई है। इसके कारण कई शहरों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है।

समझौता होने के कुछ ही देर बाद फिर से दोनों ओर से फायरिंग होनी शुरू हो गई

मारीपोल में फंसे लोगों को सेफ कारिडोर बनाकर निकालने की कोशिश सोमवार को भी हुई लेकिन उसमें सफलता नहीं मिली। समझौता होने के कुछ ही देर बाद फिर से दोनों ओर से फायरिंग होनी शुरू हो गई।मारीपोल से लोगों को निकालने की कोशिश शनिवार को भी हुई थी लेकिन विफल रही थी। रूस और यूक्रेन सोमवार को बेलारूस में होने वाली बैठक में संघर्षविराम को प्रभावी बनाने के मसौदे पर बात कर सकते हैं।

वीजा और मास्टरकार्ड ने रूस में काम न करने की घोषणा की

हमलों के बीच रूसी सरकार ने यूक्रेन और स्वतंत्र घोषित पूर्वी यूक्रेन के नागरिकों को बिना वीजा के रूस में आने की अनुमति दे दी है। इस बीच वीजा और मास्टरकार्ड ने रूस में काम न करने की घोषणा की है।युद्ध के 11 वें दिन यूक्रेन से पलायन कर पड़ोसी देने वालों की संख्या बढ़कर 15 लाख को पार कर गई। यह दुनिया में सबसे तेज गति से हुआ पलायन है।

जेलेंस्की ने लड़ाई के लिए समर्थक देशों से और हथियार मांगे

यूक्रेन छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने वालों में ज्यादातर महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और बीमार हैं। इस बीच युद्ध के हालात पर राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन, अमेरिकी सांसदों और इजरायल के प्रधानमंत्री नाफ्ताली बेनेट से बात की है। जेलेंस्की ने लड़ाई के लिए समर्थक देशों से और हथियार मांगे हैं।यूक्रेन में छिड़े युद्ध में यूक्रेनी सैनिक, वहां के नागरिक और विदेश से आए यूक्रेनी मूल के 62 हजार से ज्यादा लोग लड़ रहे हैं।

बेलारूस और जार्जिया के नागरिक भी रूसी सेना के खिलाफ युद्ध में शामिल

ब्रिटेन और लातविया की सरकारों ने अपने नागरिकों को यूक्रेन युद्ध में स्वेच्छा से शामिल होने की अनुमति दे दी है। लेकिन पता चला है कि तीन हजार अमेरिकी नागरिक यूक्रेन आकर रूसी सेना से लड़ रहे हैं। इसके अतिरिक्त पड़ोसी देश बेलारूस और जार्जिया के नागरिक भी रूसी सेना के खिलाफ युद्ध में शामिल हैं।समाचार एजेंसी आइएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक हाल ही में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने दुनिया भर के लोगों से यूक्रेन आकर रूस के खिलाफ युद्ध में शामिल होने का आह्वान किया था।

दिनों की लड़ाई में रूस ने यूक्रेन के 2,203 सैन्य ठिकाने नष्ट कर दिए

इसके बाद खबर आई कि यूक्रेन में 16 हजार विदेशी नागरिक आकर लड़ रहे हैं। यूक्रेन को अमेरिका, ब्रिटेन समेत 19 देशों से बड़ी संख्या में हथियार और उन्हें चलाने का प्रशिक्षण मिला है। यूक्रेन अब उन्हीं के दम पर रूस की नाक में दम किए हुए है।दस दिनों की लड़ाई में रूस ने यूक्रेन के 2,203 सैन्य ठिकाने नष्ट कर दिए हैं। रूसी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल इगोर कोनाशेंकोव के अनुसार हमलों में यूक्रेन के कुल 93 लड़ाकू विमान, 778 टैंक और बख्तरबंद वाहन, 279 तोप अभी तक नष्ट की गई हैं। रूसी सेना ने रविवार को स्टारोकोसटिंटीनीव वायुसेना अड्डे पर मिसाइलों से हमला किया।

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जापोरीजिया परमाणु संयंत्र को रूसी सेना के कब्जे में जाता

हमले में अड्डे को भारी नुकसान होने की खबर है।रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार इस हमले में एस-300 एयर डिफेंस सिस्टम की यूनिट, दस लड़ाकू विमान और हेलीकाप्टर नष्ट हुए हैं। इस बीच रूस ने दावा किया है कि जापोरीजिया परमाणु संयंत्र को रूसी सेना के कब्जे में जाता देख वहां तैनात यूक्रेनी अधिकारियों ने परमाणु हथियार के निर्माण से संबंधित दस्तावेज आंशिक रूप से नष्ट कर दिए और कंप्यूटर डाटा डिलीट कर दिया। जांच में इस बात के सुबूत मिले हैं। जबकि यूक्रेन ने 11 हजार से ज्यादा रूसी सैनिक, 300 रूसी टैंक, 40 से ज्यादा लड़ाकू विमान और 48 हेलीकाप्टर नष्ट करने का दावा किया है।

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