ड्यूटी पर तैनात एंबुलेंस चालक की डंडों से पीटकर हत्या
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ड्यूटी पर तैनात एंबुलेंस चालक की डंडों से पीटकर हत्या,निजी अस्पताल में उपचार के दौरान हुई मौत

Khaskhabar/पिपली पीएचसी में ड्यूटी पर तैनात एंबुलेंस चालक पर शुक्रवार रात को अज्ञात लोगों ने डंडों बिडो से हमला कर दिया। हमले में घायल चालक को देर रात को एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया। पुलिस का कहना है कि इस मामले में परिवार ने कोई शिकायत नहीं की।

Khaskhabar/पिपली पीएचसी में ड्यूटी पर तैनात एंबुलेंस चालक पर शुक्रवार रात को अज्ञात लोगों ने डंडों बिडो से हमला कर दिया। हमले में घायल चालक को देर रात को एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। इसके बाद
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रात को एंबुलेंस कंट्रोल रूम में जब हमले की सूचना मिली

वहीं इस घटना के बाद एंबुलेंस स्टाफ आगे आया और पुलिस को लिखित में शिकायत देकर ड्यूटी पर तैनात चालक पर जानलेवा हमला करने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की। कर्मचारियों का यह भी आरोप है कि रात को एंबुलेंस कंट्रोल रूम में जब हमले की सूचना मिली थी तब पुलिस कंट्रोल रूम पर इसकी सूचना भी की गई थी, लेकिन वक्त रहते पुलिन ने कोई कार्रवाई नहीं की।

पुलिस के पास नहीं आई परिवार की ओर से कोई शिकायत : थाना प्रभारी थाना प्रभारी राजपाल ने बताया कि परिवार वालों की ओर से कोई शिकायत नहीं आई है। स्वजनों के मुताबिक चालक सुबह से ही शराब पी रहा था और जब उसकी पत्नी और बेटी ने उसे ड्यूटी पर जाने से रोका तो उसने उन्हीं की पिटाई कर दी। इसके बाद उसके परिवार के सदस्य उसे पीएचसी में लेने गए थे जहां से वे उसे घर ले आए।

चिकित्सक ने हृदय गति रुकने से मौत का कारण बताया

मगर वह रात को स्कूटी उठाकर फिर से पीएचसी में जाने के लिए निकलने लगा तो वह गिर गया, जिसके बाद उसे एक निजी अस्पताल में लाया गया। जहां चिकित्सक ने हृदय गति रुकने से मौत का कारण बताया है। अस्पताल प्रशासन की ओर से पुलिस के पास शिकायत नहीं आई, अन्यथा पुलिस शव का पोस्टमार्टम करवाती।

चालक राजेश की ड्यूटी पिपली पीएचसी में लगाई

कर्मचारियों ने सदर थाना पुलिस में दी लिखित में कहा कि एंबुलेंस कंट्रोल रूम की ओर से 108 के चालक राजेश की ड्यूटी पिपली पीएचसी में लगाई गई थी। शुक्रवार रात्रि के समय साढ़े नौ से 10 बजे के बीच पीएचसी की स्टाफ नर्स का फोन कंट्रोल रूम में आया था कि कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने 108 के चालक राजेश पर बेरहमी से हमला किया है, जिसकी सूचना एंबुलेंस कंट्रोल रूम से पुलिस कंट्रोल रूम नंबर 100 पर भी दी गई।

इस दौरान चालक को एक गाड़ी में ले जाने की बात भी कही गई। कर्मचारियों ने शिकायत में आरोप लगाया कि पिपली पीएचसी में यह घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। कर्मचारियों ने कैमरे में कैद होने वाले लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है। बताया जा रहा है कि इस हमले के बाद घायल चालक की मौत हो गई।

पुलिस के पास नहीं आई परिवार की ओर से कोई शिकायत

थाना प्रभारी थाना प्रभारी राजपाल ने बताया कि परिवार वालों की ओर से कोई शिकायत नहीं आई है। स्वजनों के मुताबिक चालक सुबह से ही शराब पी रहा था और जब उसकी पत्नी और बेटी ने उसे ड्यूटी पर जाने से रोका तो उसने उन्हीं की पिटाई कर दी। इसके बाद उसके परिवार के सदस्य उसे पीएचसी में लेने गए थे जहां से वे उसे घर ले आए। मगर वह रात को स्कूटी उठाकर फिर से पीएचसी में जाने के लिए निकलने लगा तो वह गिर गया, जिसके बाद उसे एक निजी अस्पताल में लाया गया। जहां चिकित्सक ने हृदय गति रुकने से मौत का कारण बताया है। अस्पताल प्रशासन की ओर से पुलिस के पास शिकायत नहीं आई, अन्यथा पुलिस शव का पोस्टमार्टम करवाती।

वहीं करीब रात सवा 12 बजे परिजनों ने घायल को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था, जिसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। सुबह करीब 8 बजे परिजन उसके शव को लेकर चले गए तथा बिना पुलिस कार्रवाई व पोस्टमार्टम के गांव में संस्कार कर दिया।

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स्टाफ व पुलिस को दी सूचना: डॉ. नीरज शर्मा

पीएचसी इंचार्ज डॉ. नीरज शर्मा ने बताया कि उन्हें ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स ने हमले की सूचना दी थी, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को 100 नंबर पर तथा अन्य एंबुलेंस कर्मचारियों को सूचना दी थी। मामले की सूचना पाकर करीब 11 बजे वह पीएचसी भी पहुंचे थे।हरियाणा एनएचएम कर्मचारी संघ की प्रदेश महासचिव कुलविंदर कौर ने कहा कि ऑन ड्यूटी कर्मचारी पर हमला करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सोमवार को जिला कुरुक्षेत्र कार्यकारिणी जिला सिविल सर्जन डा. सुखबीर सिंह से मुलाकात करेंगी। साथ ही एमडी, एनएचएम को शिकायत सौंपी जाएगी। अगर पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करती तो स्वास्थ्य कर्मचारी सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।

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