According to IMD, severe cyclonic storm 'Shaheen' is about 325 km east-southeast of Chabahar port of Iran.
राष्ट्रीय

IMD के अनुसार गंभीर चक्रवाती तूफान ‘शाहीन’ ईरान के चाबहार बंदरगाह से करीब 325 किमी पूर्व-दक्षिण पूर्व में

Khaskhabar/भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार गंभीर चक्रवाती तूफान ‘शाहीन’ ईरान के चाबहार बंदरगाह से करीब 325 किमी पूर्व-दक्षिण पूर्व में है। यह अगले 12 घंटों में और तेज हो जाएगा और अगले 24 घंटों में यह पाकिस्तान के मकरान तट को पार करते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा। चक्रवाती तूफान के रूप में यह 4 अक्टूबर 2021 के शुरुआती घंटों के दौरान ओमान तट पर पहुंचेगा।

Khaskhabar/भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार गंभीर चक्रवाती तूफान शाहीन ईरान के चाबहार बंदरगाह से करीब 325 किमी पूर्व-दक्षिण पूर्व में है। यह अगले 12 घंटों में और तेज
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महाराष्ट्र और गुजरात के कुछ हिस्सों को पार करने के बाद गुलाब की तीव्रता और कम हो गई थी

शाहीन चक्रवात गुलाब तूफान से उत्पन्न परिस्थितियों से बना है, जो 26 सितंबर को पूर्वी तट से टकराया था। मध्य भारत, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और गुजरात के कुछ हिस्सों को पार करने के बाद गुलाब की तीव्रता और कम हो गई थी। जैसे ही यह अरब सागर में दाखिल हुआ तो गहरा दबाव शुक्रवार की सुबह सघन होकर एक नए तूफान में बदल गया। 

शाहीन का रूप अख्तियार कर चुका

बता दें कि शुक्रवार सुबह मौसम विभाग ने बताया कि अरब सागर में गहरा दबाव चक्रवात शाहीन का रूप अख्तियार कर चुका है और भारतीय तट से दूर जा रहा है। मौसम विभाग ने कहा कि उत्तर-पूर्वी अरब सागर और पड़ोस के क्षेत्र से शाहीन चक्रवात 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तरी अरब सागर के मध्यवर्ती क्षेत्र की ओर बढ़ गया। 

बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न कोई तूफान देश के विभिन्न हिस्सों को पार कर पश्चिमी तट पर पहुंचा

जैसे ही यह अरब सागर में दाखिल हुआ तो गहरा दबाव शुक्रवार की सुबह सघन होकर एक नए तूफान में बदल गया। यह एक असाधारण घटना है, जिसमें बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न कोई तूफान देश के विभिन्न हिस्सों को पार कर पश्चिमी तट पर पहुंचा और फिर से एक तूफान में तब्दील हो गया।

मध्य भाग में विपरीत दिशा की हवाओं (पूर्वी-पश्चिमी) का टकराव हो रहा

मध्यप्रदेश के भोपाल और इंदौर में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने के आसार जताए गए हैं। वहीं इसके अलावा मध्य प्रदेश के मध्य भाग में विपरीत दिशा की हवाओं (पूर्वी-पश्चिमी) का टकराव हो रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले दो-तीन दिन तक भोपाल, होशंगाबाद, इंदौर, उज्जैन संभागों के जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ने के आसार हैं।

राज्य की विभिन्न नदियां उफान पर

झारखंड में पिछले दो-तीन दिनों से हो रही बारिश से जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। राजधानी रांची समेत राज्य के अन्य शहरों के निचले इलाकों में जहां पानी भर आया है। वहीं, राज्य की विभिन्न नदियां उफान पर है। अन्य जलाशयों में भी पानी लबालब भर है। राज्य की कई पंचायतों के दर्जनों गांवों में जहां बाढ़ का खतरा बना है। वहीं, उनका प्रखंड मुख्यालयों से संपर्क टूट गया है। इसके अलावा घर ढहने और नदियों-तालाबों में डूबने से राज्य में सात लोगों की जान चली गई है।

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क्टूबर से पश्चिमी राजस्थान से मानसून की विदाई की शुरआत होने के भी संकेत

बिहार पर एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। हवाओं का रख भी अब बदलकर उत्तरी, उत्तर-पश्चिमी होने लगा है। इससे अब रात के तापमान में गिरावट होने के आसार हैं। छह अक्टूबर से पश्चिमी राजस्थान से मानसून की विदाई की शुरआत होने के भी संकेत मिलने लगे हैं। अरब सागर में बने तूफान और बिहार और उसके आसपास बने सिस्टम का असर मध्य प्रदेश में भी हो सकता है।

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