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राष्ट्रीय

महाराष्ट्र के नक्सल प्रभावित गढ़चिरौली जिले में देर रात हुई एक मुठभेड़ में 9 नक्सली ढेर ,6 के शव बरामद

Khaskhabar/महाराष्ट्र के नक्सल प्रभावित गढ़चिरौली जिले में देर रात हुई एक मुठभेड़ में 9 नक्सली मारे गए हैं। ताजा जानकारी के मुताबिक, अभी तक 6 नक्सलियों के शव बरामद हुए हैं। अभी भी C-60 कमांडोज और नक्सलियों के बीच रुक-रुक के फायरिंग जारी है। 6 नक्सलियों के शव महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर स्थित गढ़चिरौली जिले के एटापल्ली में बरामद हुए हैं।

Khaskhabar/महाराष्ट्र के नक्सल प्रभावित गढ़चिरौली जिले में देर रात हुई एक मुठभेड़ में 9 नक्सली मारे गए हैं। ताजा जानकारी के मुताबिक, अभी तक 6 नक्सलियों के शव बरामद हुए हैं। अभी भी C-60 कमांडोज और
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प्रशासनिक कामकाज भी करते हैं C-60 कमांडो

​​​​​​इन कमांडो को विशेष ट्रेनिंग दी जाती है। इन्हें दिन-रात किसी भी समय कार्रवाई करने के लिए ट्रेंड किया जाता है। इनकी ट्रेनिंग हैदराबाद, NSG कैंप मनेसर, कांकेर, हजारीबाद में होती है। नक्सल विरोधी अभियान के अलावा ये जवान नक्सलियों के परिवार, नाते-रिश्तेदारों से मिलकर उन्हें सरकार की योजनाओं के बारे में बताकर समाज की मुख्यधारा में जोड़ने का काम भी करते हैं। नक्सली इलाकों में ये प्रशासनिक समस्याओं की जानकारी भी जुटाते हैं।

2019 में नक्सली हमले में 15 जवान शहीद हुए थे

इससे पहले 3 मई 2019 को घात लगाकार बैठे 100 से ज्यादा नक्सलियों ने एक ऐसा ही हमला किया था। गढ़चिरौली में हुए आईईडी ब्लास्ट में 15 QRT जवान शहीद हो गए थे। इस दुर्दांत हमले के पीछे उत्‍तरी गढ़चिरोली के सीपीआई (माओवादी) का कमांडर भास्‍कर हमले का मास्‍टर माइंड बताया गया था।

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कौन हैं C-60 एंटी नक्सल कमांडो

गढ़चिरौली जिले की स्थापना के बाद से ही पूरे क्षेत्र में नक्सली गतिविधियां बढ़ गई थी। इस पर प्रतिबंध लगाने के लिए तत्कालीन SP केपी रघुवंशी ने 1 दिसंबर 1990 को C-60 की स्थापना की। उस वक्त इस फोर्स में सिर्फ 60 विशेष कमांडो की भर्ती हुई थी, जिससे इसे यह नाम मिला। नक्सली गतिविधियों को रोकने के लिए गढ़चिरौली जिले को दो भागों में बांटा गया। पहला उत्तर विभाग, दूसरा दक्षिण विभाग।

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