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कारोबार

लॉकडाउन में 11 किसानों ने लॉन्च किया ऑनलाइन ऐप;मार्केट बंद हुआ तो एक साल में 9 करोड़ पहुंचा टर्नओवर

Khaskhabar/पिछले साल कोरोना के चलते जब लॉकडाउन लगा तो कई लोगों को मुसीबतों का सामना करना पड़ा। किसी की नौकरी चली गई तो किसी का धंधा बंद हो गया। बड़े शहरों के साथ-साथ छोटे शहरों और गांवों में भी कोरोना की पाबंदियों ने लोगों के रोजगार और जीविका को बहुत हद तक प्रभावित किया। किसान भी इससे अछूते नहीं रहे। लॉकडाउन के चलते वे अपना प्रोडक्ट मंडियों में नहीं बेच सके। कई किसानों के प्रोडक्ट खेत में ही खराब हो गए।

Khaskhabar/पिछले साल कोरोना के चलते जब लॉकडाउन लगा तो कई लोगों को मुसीबतों का सामना करना पड़ा। किसी की नौकरी चली गई तो किसी का धंधा बंद हो गया। बड़े शहरों के साथ-साथ छोटे शहरों और गांवों में भी कोरोना की पाबंदियों

महाराष्ट्र के अहमदनगर में रहने वाले किसानों के साथ भी ऐसा ही हुआ। बाजार नहीं मिलने के चलते उनके पास फलों और सब्जियों का स्टॉक बढ़ गया। कुछ दिनों तक उन लोगों ने इधर-उधर कोशिश की, लेकिन कहीं बात नहीं बनी। इसके बाद 11 किसानों ने मिलकर ‘किसान कनेक्ट’ नाम से एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म लॉन्च किया। जिसके जरिए वे अपने प्रोडक्ट मुंबई, पुणे और श्रीरामपुर के इलाकों में बेच रहे हैं।

पहले ही महीने 40 लाख का टर्नओवर

श्रीकांत बताते हैं कि शुरुआत हमने 11 किसानों के साथ की थी, लेकिन तीन महीने में ही हमारे साथ 400 से ज्यादा किसान जुड़ गए। पहले महीने में हमने 40 लाख की मार्केटिंग की थी। तीसरे महीने में हमारा टर्नओवर बढ़कर 3 करोड़ रुपए पहुंच गया। अभी हमारे साथ 1 हजार से ज्यादा किसान जुड़े हैं और हम 9 करोड़ रुपए से ज्यादा का टर्नओवर हासिल कर चुके हैं। इस दौरान हमने एक लाख से ज्यादा वेजिटेबल बॉक्स की सप्लाई की है।

कैसे काम करता है किसान कनेक्ट?

किसानों ने अपना एक ऐप लॉन्च किया है। जो किसी भी स्मार्टफोन से ऑपरेट हो सकता है। इसके साथ ही सीधे वेबसाइट पर जाकर भी प्रोडक्ट खरीदा जा सकता है। किसान कनेक्ट ऐप या साइट पर जाने के बाद आपको सबसे पहले लोकेशन सिलेक्ट करनी होगा। उसके बाद आपको अलग-अलग फलों और सब्जियों की लिस्ट मिलेगी। जहां उनकी क्वांटिटी और प्राइस मेंशन की गई है। आपको जो भी प्रोडक्ट खरीदना है उस पर क्लिक करने के बाद आपको लॉग इन करना होगा। इसके बाद आप अपने पते पर उस प्रोडक्ट की डिमांड कर सकते हैं। ऑर्डर फाइनल करने के बाद प्रोडक्ट की डिलीवरी की टाइमिंग भी आपको पता चल जाएगी।

अगर कोई स्मार्ट फोन चलाना नहीं जानता तो वो सीधे कस्टमर केयर के पास फोन करके भी ऑर्डर कर सकता है। हिंदी, अंग्रेजी और लोकल लैंग्वेज में कस्टमर केयर बातचीत करते हैं। किसानों ने अहमदनगर में अपनी एक यूनिट बनाई है। जहां ग्रुप में शामिल किसान खेत से निकालकर अपना प्रोडक्ट पहुंचा देते हैं। यहां से पैकेजिंग के बाद प्रोडक्ट की डिलीवरी होती है।

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वॉट्सऐप ग्रुप बनाकर बेचने शुरू किए अपने प्रोडक्ट

अहमद नगर के रहने वाले श्रीकांत ढोक्चावले एमबीए ग्रेजुएट हैं। कई कंपनियों में काम कर चुके हैं। वे पिछले कुछ सालों से खेती कर रहे हैं। श्रीकांत कहते हैं कि जब लॉकडाउन लगा तो अचानक से सबकुछ बंद हो गया। न तो मार्केट में दुकानें खुलतीं थीं, न ही लोग बाहर निकल रहे थे। हमारे सभी प्रोडक्ट खराब होने लगे। इसके बाद मैंने अपने कुछ किसान साथियों से मिलकर ऑनलाइन मार्केटिंग के बारे में बात की। चूंकि तब लोग खुद अपनी जरूरतों के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की तरफ शिफ्ट हो रहे थे। इसलिए हमने तय किया कि हम मार्केट पर डिपेंड रहने के बजाय खुद ही अपना प्रोडक्ट लोगों के घर तक पहुंचाएंगे।

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