राष्ट्रीय

स्टेशन पर लावारिस घूमती मिली दो बच्चियों को चाइल्ड लाइन सागर भेजा,महाराष्ट्र से ट्रेन से पहुंची बीना

Khaskhabar/महाराष्ट्र की रहने वाली 4 व 5 साल की दो छोटी बच्चियां भटक कर ट्रेन से सागर के बीना पहुंची, जो रात में स्टेशन के बाहर डरी-सहमी से घूम रही थी। लोगों की नजर इन बच्चियों पर पड़ी तो उन्होंने इन्हें जीआरपी थाने पहुंचाया। वहां से विशेष किशोर इकाई व चाइल्ड हेल्पलाइन की मदद से बच्चियों को सागर के एक आश्रम में शिफ्ट करवाया गया है। दोनों बच्चियां अपना नाम-पता व माता-पिता का नाम नहीं बता पा रही हैं।

Khaskhabar/महाराष्ट्र की रहने वाली 4 व 5 साल की दो छोटी बच्चियां भटक कर ट्रेन से सागर के बीना पहुंची, जो रात में स्टेशन के बाहर डरी-सहमी से घूम रही थी। लोगों की नजर इन बच्चियों पर पड़ी तो उन्होंने इन्हें जीआरपी थाने पहुंचाया। वहां से विशेष किशोर इकाई व चाइल्ड हेल्पलाइन की मदद से बच्चियों को सागर के एक आश्रम में शिफ्ट करवाया गया है। दोनों बच्चियां अपना नाम-पता व माता-पिता का नाम नहीं बता पा रही हैं।
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गलती से ट्रेन में बैठकर यहां आ गई

विशेष किशोर इकाई की ज्योति तिवारी ने बताया कि रविवार रात करीब 9 बजे हमें बीना रेलवे स्टेशन से जानकारी मिली थी कि दो बच्चियां स्टेशन के बाहर डरी हुईं घूम रही थी, जिन्हें जीआरपी थाने में बैठाया है। इसके बाद सागर से तुरंत टीम बीना पहुंची और बच्चियों से घर का पता पूछा तो उन्होंने बताया कि वे भुसावल या नागपुर के पास की रहने वाली हैं और गलती से ट्रेन में बैठकर यहां आ गई हैं। बच्चियों का कहना है कि परिवार में सिर्फ मां है, पिता नहीं हैं। इसके आगे दोनों बच्चियां ज्यादा कुछ नहीं बता पा रही हैं।

Khaskhabar/महाराष्ट्र की रहने वाली 4 व 5 साल की दो छोटी बच्चियां भटक कर ट्रेन से सागर के बीना पहुंची, जो रात में स्टेशन के बाहर डरी-सहमी से घूम रही थी। लोगों की नजर इन बच्चियों पर पड़ी तो उन्होंने इन्हें जीआरपी थाने पहुंचाया। वहां से विशेष किशोर इकाई व चाइल्ड हेल्पलाइन की मदद से बच्चियों को सागर के एक आश्रम में शिफ्ट करवाया गया है। दोनों बच्चियां अपना नाम-पता व माता-पिता का नाम नहीं बता पा रही हैं।
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भुसावल थाने में सूचना दी

विशेष किशोर पुलिस इकाई द्वारा पूछताछ करने पर बधाों ने खुद को भुसावल का होना बताया है। इसके चलते टीम ने शामिल अधिकारियों ने भुसावल और नागपुर पुलिस थाने में बधिायों के मिलने की सूचना दे दी है। उन्हें यह भी बता दिया गया है कि जब तक बधिायों के मां नहीं मिल जाती तक उन्हें सागर में ही रखा जाएगा। बधिायों को चाइल्ड केयर ेसेंटर पहुंचाने वालों मं ज्योति तिवारी, मुकेश यादव, खेमराज पटेल, सोनम रजक शामिल हैं।

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ज्योति तिवारी ने बताया कि दोनों में से एक बच्ची विकलांग है। बच्चियां मां का नाम भी नहीं बता पा रही हैं। दोनों घर जाना चाहती हैं। इसके बाद विशेष किशोर इकाई ने देर रात ही भुसावल व नागपुर थाने बच्चियों के बारे में सूचना दी व इनके बारे में कुछ पता चलने पर सागर सूचित करने को कहा।

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