राष्ट्रीय

सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट:सांसदों के दफ्तर के लिए गिराए जाएंगे श्रम शक्ति, परिवहन भवन

Khaskhabar/दिल्ली के लुटियंस जोन में सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास प्रोजेक्ट में सांसदों के कार्यालय (सांसद चैंबर) बनाने के लिए श्रम शक्ति भवन और परिवहन भवन को गिराया जाएगा। महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का मास्टर प्लान तैयार करने वाले एचसीपी डिजाइन, प्लानिंग एंड मैनेजमेंट प्रा. लि. के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है।

Khaskhabar/दिल्ली के लुटियंस जोन में सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास प्रोजेक्ट में सांसदों के कार्यालय (सांसद चैंबर) बनाने के लिए श्रम शक्ति भवन और परिवहन भवन को गिराया जाएगा। महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का मास्टर प्लान तैयार करने वाले एचसीपी डिजाइन, प्लानिंग एंड मैनेजमेंट प्रा. लि. के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है।
Posted by khaskhabar

अधिकारी ने बताया कि इन दोनों भवनों में अलग-अलग मंत्रालयों के जो कार्यालय हैं, उन्हें अस्थायी रूप से अन्यत्र ले जाया जा रहा है। इसके लिए सरकार ने गोल मार्केट, केजी मार्ग, अफ्रीका एवेन्यू के नजदीक और तालकटोरा स्टेडियम के निकट कुछ स्थानों को चिह्नित किया है। इमारतों को गिराने का काम चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा, ताकि मंत्रालयों के कामकाज में दिक्कत न हो।

नरेंद्र मोदी ने इसी महीने नए संसद भवन की आधारशिला रखी थी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी महीने नए संसद भवन की आधारशिला रखी थी। नए भवन में लोकसभा में 888 सदस्यों तथा राज्यसभा में 384 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था होगी। एचपीसी के अधिकारी ने बताया, नए संसद भवन में समितियों के छह कमरे होंगे।

Khaskhabar/दिल्ली के लुटियंस जोन में सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास प्रोजेक्ट में सांसदों के कार्यालय (सांसद चैंबर) बनाने के लिए श्रम शक्ति भवन और परिवहन भवन को गिराया जाएगा। महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का मास्टर प्लान तैयार करने वाले एचसीपी डिजाइन, प्लानिंग एंड मैनेजमेंट प्रा. लि. के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है।
Posted by khaskhabar

विभिन्न मंत्रलयों के कार्यालयों को अस्थायी रूप से स्थानांतरित करने के लिए सरकार ने गोल मार्केट, केजी मार्ग, अफ्रीका एवेन्यू के नजदीक और तालकटोरा स्टेडियम के निकट के स्थानों की पहचान की है। सरकारी सूत्रों ने बताया कि इमारतों को गिराने का काम चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा, ताकि विभिन्न मंत्रलयों का कामकाज सुगमता से चल सके। मंत्रलयों के कार्यालयों के साझा केंद्रीय सचिवालय निर्माण के लिए शास्त्री भवन, उद्योग भवन, निर्माण भवन, कृषि भवन समेत कई इमारतों को गिराया जाएगा।

दरअसल, नई संसद के निर्माण का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। लेकिन केंद्र ने कहा था कि संबंधित याचिकाओं पर जब तक सुप्रीम कोर्ट फैसला नहीं दे देती, तब तक किसी भी तरह का निर्माण या तोड़-फोड़ नहीं की जाएगी। इसके बाद कोर्ट ने आधारशिला रखने की इजाजत दी थी।

यह भी पढ़े—बीसीसीएम में बढ़ रहा है कोयले का स्टॉक,एलुमिनियम और सौर सेक्टर में उतरेगी Coal India

हालिया प्रस्ताव के मुताबिक प्रधानमंत्री के नए आवासीय कॉम्प्लेक्स

मंत्रालयों का साझा केंद्रीय सचिवालय बनाने के लिए शास्त्री भवन, उद्योग भवन, निर्माण भवन, कृषि भवन सहित कई अन्य इमारतें भी गिराई जाएंगी। सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास प्रोजेक्ट में सीपीडब्ल्यूडी (केंद्रीय लोकनिर्माण विभाग) के हालिया प्रस्ताव के मुताबिक प्रधानमंत्री के नए आवासीय कॉम्प्लेक्स में चार मंजिला 10 इमारतें होंगी। प्रधानमंत्री के नए आवास को 15 एकड़ भूमि पर बनाया जाएगा।

और ज्यादा खबरे पढ़ने और जाने के लिए ,अब आप हमे सोशल मीडिया पर भी फॉलो कर सकते है –
ट्विटर पर फॉलो करने के लिए टाइप करे – @khas_khabar एवं न्यूज़ पढ़ने के लिए #khas_khabar फेसबुक पर फॉलो करने के लाइव आप हमारे पेज @socialkhabarlive को फॉलो कर सकते है|