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राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर पत्रकारों को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दी बधाई,कहा सरकार लगातार बढ़ा रही पत्रकारों के लिए सुविधाएं

Khaskhabar/राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर मीडिया जगत के लोगों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा है कि मीडिया जगत निडरतापूर्वक निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से देश मे लोकतांत्रिक विमर्श को एक नई दिशा प्रदान करता है। नागरिको को उनके अधिकार और दायित्व के प्रति सचेत कर देशहित व लोकहित में सक्षम बनाते है।

Khaskhabar/राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर मीडिया जगत के लोगों को बधाई एवं
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उन्होंने कहा कि मीडिया प्रतिनिधियों ने कोविड 19 जैसे महामारी में भी लोगो मे जागरूकता लाने में अहम भूमिका निभाई है।श्री बघेल ने कहा कि फ्री प्रेस हमारे लोकतंत्र की विशेषता और आधारशिला है । राष्ट्रीय प्रेस दिवस प्रेस की स्वतन्त्रता और जिम्मेदारियो की ओर ध्यान आकर्षित करता है।

सरकार पत्रकारों के लिए लगातार बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करा रही

श्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार पत्रकारों के लिए लगातार बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। जनसंपर्क विभाग द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं की पात्रता एवं प्रावधानों में संशोधन कर ज्यादा से ज्यादा पत्रकारों को इनके दायरे में लाया जा रहा है। प्रदेश में पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है। सरकार ने पत्रकारों के कल्याण के लिए पिछले वर्ष ही वरिष्ठ मीडियाकर्मी सम्मान निधि को पांच हजार रूपए से बढ़ाकर दस हजार रूपए प्रति माह किया है।

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अधिमान्यता नियमों में संशोधन कर विकासखंड स्तर के पत्रकारों के लिए भी अधिमान्यता का प्रावधान किया गया है। पत्रकार कल्याण कोष से जरूरतमंद पत्रकारों को आर्थिक सहायता की सीमा को 50 हजार रूपए से बढ़ाकर दो लाख रूपए किया गया है। राज्य शासन के श्रम विभाग ने पत्रकारों के हित में उनकी सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष करने का आदेश जारी किया है।

पत्रकार कल्याण कोष के नियमों में पिछले वर्ष व्यापक परिवर्तन

पत्रकारों को गंभीर बीमारी के इलाज, वृद्धावस्था में आर्थिक संकट, दैवीय विपत्ति जैसी परिस्थितियों में मदद का दायरा बढ़ाने के लिए पत्रकार कल्याण कोष के नियमों में पिछले वर्ष व्यापक परिवर्तन किए गए हैं। नए नियमों के तहत अब आर्थिक सहायता की सीमा 50 हजार रूपए से बढ़ाकर दो लाख रूपए कर दी गई है। साथ ही दंगों, बाढ़ जैसी विषम परिस्थितियों में समाचार कवरेज के दौरान कैमरा एवं अन्य उपकरणों के नुकसान पर भी आर्थिक मदद का प्रावधान नए नियम में जोड़ा गया है। पिछले दो वर्षों में प्रदेश के 49 पत्रकारों को साढ़े 41 लाख रूपए से अधिक की आर्थिक मदद उपलब्ध कराई गई है।

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साल भर पहले नए अधिमान्यता नियम लागू किए गए

उन्होंने कहा कि प्रदेश में कार्यरत पत्रकारों को श्रमजीवी पत्रकार के रूप में पहचान देने एवं उनके काम में सहूलियत के लिए साल भर पहले नए अधिमान्यता नियम लागू किए गए हैं। मीडिया के बदलते स्वरूप को देखते हुए टी.वी. चैनलों, वेब-पोर्टल, समाचार पत्रिका और समाचार एजेंसी के पत्रकारों को भी अधिमान्यता देने का प्रावधान किया गया है। मीडिया संस्थानों के लिए अधिमान्यता कोटा करीब-करीब दुगुना कर दिया गया है। नए नियमों के तहत राज्य में पहली बार विकासखंड स्तर के पत्रकारों के लिए भी अधिमान्यता का प्रावधान किया गया है। साथ ही लंबे समय तक इस पेशे में रहे सेवानिवृत्त पत्रकारों के लिए दीर्घकालिक सेवा पत्रकार अधिमान्यता भी शुरू किया गया है। नए अधिमान्यता नियमों के फलस्वरूप वर्तमान में 233 राज्य स्तरीय और 287 जिला स्तरीय अधिमान्य पत्रकार हैं।

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