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मंगल पर जीवन की तलाश,सबसे खतरनाक जगह पर लैंड करेगा रोवर, ऐसे रोमांचक होंगे आखिरी 7 मिनट

khaskhabar/अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी (NASA) का अंतरिक्षयान मंगल ग्रह (Mars) की सतह पर आज यानी 18 फरवरी की देर रात लैंड करेगा. मंगल ग्रह तक पहुंचने में नासा के पर्सिवरेंस मार्स रोवर (NASA Perseverance Rover) को बहुत सी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ सकता है. ये दिक्कतें ऐसी हैं, जिनसे पर्सिवरेंस रोवर को खुद ही निपटना होगा, लेकिन आपको बता दें कि मंगल ग्रह पर उसका बड़ा भाई पहले से मौजूद है. ये मार्स रोवर को मंगल ग्रह की सबसे बड़ी समस्या से बचाएगा. आइए जानते हैं कि पर्सिवरेंस की दिक्कतें और बड़े भाई इंसाइट (Know The Role On Mars Insight) की भूमिका.

khaskhabar/अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी (NASA) का अंतरिक्षयान मंगल ग्रह (Mars) की सतह पर आज यानी 18 फरवरी की देर रात लैंड करेगा. मंगल ग्रह तक पहुंचने में नासा के पर्सिवरेंस मार्स रोवर (NASA Perseverance Rover) को बहुत
Posted by khaskhabar

लाल ग्रह पर है बहुत गर्मी

मार्स के वायुमंडल में प्रवेश करते ही पर्सिवरेंस मार्स रोवर को घर्षण की वजह से 1000 डिग्री सेल्सियस के तापमान को बर्दाश्त करना होगा.ग्रेटा थनबर्ग (Greta Thunberg) एक बार फिर चर्चा में हैं. इस बार थनबर्ग का गुस्सा नासा पर फूटा है. किसान आंदोलन पर ट्वीट कर चर्चा में आई पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग अब मंगल मिशन (NASA mars mission 2021) को लेकर गुस्से में है. उनका कहना है कि तमाम देशों की सरकारें और अंतरिक्ष एजेंसियां दूसरे ग्रह की यात्रा करने के लिए अरबों रुपये पानी की तरह बहा रही हैं. तंज कसते हुए उन्होंने मंगल टूरिज्म का विज्ञापन भी जारी किया है.

मंगल की सतह पर उतरेगा रोवर

नासा का रोवर परसिवरेंस आज मंगल ग्रह (NASA MARS Mission) की सतह पर उतरने की कोशिश करेगा. इससे पहले चीन और यूएई भी अपना यान मंगल पर उतार चुके हैं. ये तीनों ही मिशन पिछले साल जुलाई में लॉन्च किया गया था.अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का पर्सिवरेंस रोवर 18 फरवरी यानी आज देर रात 1 से 2 बजे की बीच मंगल की सतह पर लैंड करेगा.

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लैंडिंग काफी खतरनाक क्रेटर में हो रही है

यह लैंडिंग काफी खतरनाक क्रेटर में हो रही है. अब तक मंगल ग्रह पर दुनिया भर 8 देशों ने अपने यान भेजे हैं. इनमें ऑर्बिटर, फ्लाइबाय, लैंडर और रोवर शामिल हैं. इन आठ देशों में में सबसे ज्यादा सफलता अगर किसी को मिली है तो वह अमेरिका को मिली है. अमेरिका ने मंगल ग्रह पर अब तक पांच रोवर भेजे हैं.

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