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भारत में भी आ गई कोरोना की दवा, 15 दिन का होगा कोर्स और एक गोली की कीमत 103 रूपए

दुनिया भर की कम्पनिया कोरोना वायरस की दवा और वैक्सीन ख़ोजने में लगे हुए है| लेकिन अभी तक कामयाबी किसी भी कंपनी के हाथ नहीं लग सकी है | दरअसल इस समय में कई दवाओं पर परिक्षण किया जा रहा है और सफल परिक्षण के बाद ही किसी दवाई को मार्केट में उतारा जा सकेगा वहीं कोरोना की दवाई आने तक कोरोना वायरस का इलाज फेविपिराविर (Favipiravir) से करने की सलाह दी जा रही है। वैज्ञानिकों का दावा है कि फेविपिराविर (Favipiravir) दवा कोरोना को खत्म करने में कारगर साबित हुई है और इस दवा को खाने से कोरोना को सही किया जा सकता है।

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भारत में भी अब कोरोना की इलाज के लिए (Favipiravir) दवाई का ही प्रयोग किया जाना है और भारत सरकार ने दवाई के निर्माता कंपनी ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स (Glenmark Pharmaceuticals) को कोविड-19 के लिए ऐंटीवायरल दवा फेविपिराविर बनाने की परमिशन दे दी है। और ये दवा माइल्ड से मॉडरेट कोविड-19 को ठीक करने में कारगर साबित हुई है|

एक गोली की कीमत है 103 रूपए

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फैबिफ्लू के नाम से बनाई जा रही कोरोना की इस दवा के एक पत्ते में 34 टैबलेट होंगी और एक पत्ते की कीमत 3,500 रुपये रखी गई है। यानी एक टैबलेट करीब 103 रुपये की पड़ेगी।

15 दिनों का होगा दवाई का कोर्स


दवा बनाने वाली कंपनी के अनुसार इस दवा का कोर्स 15 दिनों का होगा जिसमे मरीज को पहले दिन 9 टेबलेट खानी होगी और उसके बाद हर दिन 4 -4 टेबलेट का सेवन करना होगा |

रिकवरी रेट है 80 प्रतिशत से ज्यादा


रिसर्चर्स के मुताबिक इस दवाई के उपयोग करने से 80 प्रतिशत से भी ज्यादा मरीज सही हो चुके है और इस दवा को ICMR ने भी हरी झंडी दे दी है जिसके बाद से ये दवा सभी फार्मेसी में प्रिस्क्रिप्शन के साथ उपलब्ध होगी

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