राष्ट्रीय

ब्रिटेन, पाक, बांग्लादेश समेत 17 देशों के छात्रों को पढ़ा रहे छत्तीसगढ़ के गुरुजी

Khas Khabar| कोरोना काल में हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाने के लिए छत्तीसगढ़ में ‘पढ़ई तुंहर दुआर’ कार्यक्रम के तहत छात्रों को ऑनलाइन शिक्षा दी जा रही है। शिक्षकों द्वारा बनाए गए इन वीडियो से न सिर्फ भारत, बल्कि 16 अन्य देशों के छात्र भी पढ़ रहे हैं। यह रिपोर्ट राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने राज्य सरकार को दी है।

Khas Khabar| कोरोना काल में हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाने के लिए छत्तीसगढ़ में 'पढ़ई तुंहर दुआर' कार्यक्रम के तहत छात्रों को ऑनलाइन शिक्षा दी जा रही है। शिक्षकों द्वारा बनाए गए इन वीडियो से न सिर्फ भारत, बल्कि 16 अन्य देशों के छात्र भी पढ़ रहे हैं। यह रिपोर्ट राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने राज्य सरकार को दी है। इसमें अमेरिका के साथ-साथ पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल,
Posted by khaskhabar

इन कक्षाओं में सबसे अधिक फिजिक्स, केमेस्ट्री, मैथ्स, कामर्स और अंग्रेजी के पाठों को देखा जा रहा है

इसमें अमेरिका के साथ-साथ पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, इंडोनेशिया, इराक, साउदी अरब, यूएई, तुर्की, ग्रीस, मलेशिया, फिलीपींस, मिा, कुवैत, लेबनान और श्रीलंका शामिल हैं। बताया जाता है कि इन कक्षाओं में सबसे अधिक फिजिक्स, केमेस्ट्री, मैथ्स, कामर्स और अंग्रेजी के पाठों को देखा जा रहा है।

ऑनलाइन कक्षा ‘पढ़ई तुंहर दुआर’ पोर्टल का विदेशी भी उठा रहे हैं लाभ

राज्य सरकार की वेबसाइट (बयजबर्रन.कॉम) पर ‘पढ़ई तुंहर दुआर’ पोर्टल पर शिक्षक हिंदी और अंग्रेजी, दोनों ही माध्यम से बच्चों को पढ़ा रहे हैं। एससीईआरटी के संयुक्त संचालक डा. योगेश शिवहरे के मुताबिक ‘पढ़ई तुंहर दुआर’ कार्यक्रम के तहत ओपन फार आल ऑनलाइन कक्षाएं चल रहीं हैं। कक्षा में 17 अन्य देशों के लोग भी जुड़ गए हैं। 22 लाख से अधिक लोगों ने इन कक्षाओं में भागीदारी की है। ई—कंटेट का लाभ देश के अन्य राज्यों के साथ विदेश के छात्र भी जुड़ रहे हैं।

यह भी पढ़े— ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन के बाद अब भारत बायोटेक के स्‍वदेशी टीके के आपात इस्‍तेमाल को भी एक्‍सपर्ट पैनल की मंजूरी

ऐसे पता चला कि विदेशी भी पढ़ रहे

एससीईआरटी के अधिकारियों ने बताया कि ‘पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम में किसी भी छात्र को पहले ऑनलाइन पंजीयन कराना होता है। पोर्टल पर जिस विषय का वीडियो देखना है, उसके लिए पंजीयन कराना होता है और उसमें मौजूदा लोकेशन की जानकारी देनी होती है। इसमें इसी आधार पर यूट्यूब एनालिटिक्स से यह आंकड़ा हासिल हुआ।

और ज्यादा खबरे पढ़ने और जाने के लिए ,अब आप हमे सोशल मीडिया पर भी फॉलो कर सकते है –
ट्विटर पर फॉलो करने के लिए टाइप करे – @khas_khabar एवं न्यूज़ पढ़ने के लिए #khas_khabar फेसबुक पर फॉलो करने के लाइव आप हमारे पेज @socialkhabarlive को फॉलो कर सकते है|