कारोबार

बीसीसीएम में बढ़ रहा है कोयले का स्टॉक,एलुमिनियम और सौर सेक्टर में उतरेगी Coal India

Khaskhabar/बीसीसीएल की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। कोयले का उत्पादन व डिस्पैच लक्ष्य को पूरा करने के लिए कैपिटल बजट की आवश्यकता होती है। तकनीकी निदेशक चंचल गोस्वामी ने बताया कि बीसीसीएल बोर्ड ऑफ डायरेक्टर ने करीब 15 सौ करोड़ के बजट को मंजूरी दी है। इस बजट से कंपनी कई प्रोजेक्ट पर काम कर सकेगी। कोयला उत्पादन व डिस्पैच लक्ष्य को पूरा करने में भी आसानी होगी।

Khaskhabar/बीसीसीएल की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। कोयले का उत्पादन व डिस्पैच लक्ष्य को पूरा करने के लिए कैपिटल बजट की आवश्यकता होती है। तकनीकी निदेशक चंचल गोस्वामी ने बताया कि बीसीसीएल बोर्ड ऑफ डायरेक्टर ने करीब 15 सौ करोड़ के बजट को मंजूरी दी है। इस बजट
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मौजूदा समय में बीसीसीएल की स्थिति 1970 जैसी हो गई है। उस समय बीसीसीएल 17 मिलियन टन कोयला उत्पादन करती थी। वर्तमान में जो स्थिति है वह लग रहा है कि 20 मिलियन टन का भी आकंड़ा वित्त वर्ष पूरा होते-होते पार नहीं हो पाएगा। लक्ष्य 36 मिलियन टन कोयला उत्पादन व डिस्पैच का है। दिसंबर समाप्त होने को है लेकिन अभी तक 20 मिलियन टन भी कोयला उत्पादन नहीं हो पाया है।

Khaskhabar/बीसीसीएल की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। कोयले का उत्पादन व डिस्पैच लक्ष्य को पूरा करने के लिए कैपिटल बजट की आवश्यकता होती है। तकनीकी निदेशक चंचल गोस्वामी ने बताया कि बीसीसीएल बोर्ड ऑफ डायरेक्टर ने करीब 15 सौ करोड़ के बजट को मंजूरी दी है। इस बजट
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कोयला का दाम कम कर बेचने की सलाह

बोर्ड सदस्यों के साथ साथ कोल इंडिया प्रबंधन ने भी बीसीसीएल प्रबंधन को सुझाव दिया है कि कोयला की श्रेणी स्तर पर समीक्षा कर उसमें दस फीसद कोयला का दाम घटाकर उपभोक्ताओं के साथ बात कर डिस्पैच में बढ़ोतरी लाए। कोयला का स्टॉक बढ़ता जा रहा है। ऐसे में कोयले की श्रेणी में भी गिरावट आती है। कोल इंडिया ने यहां तक सुझाव दिया है कि अगर वॉश कोल की बिक्री में कमी है, अन्य श्रेणी के कोयला की मांग है तो उसकी बिक्री में तेजी लाएं।

मुनीडीह में रेल लाइन बिछाने को राइट्स करेगी सर्वे

मुनीडीह वाशरी में रेल लाइन बिछाने को लेकर राइट्स को प्लान रिपोर्ट तैयार करना है। इस मद में करीब 50 करोड़ के बजट की मंजूरी दी गई है। जल्द ही इस पर काम शुरू किया जाएगा। कोयला मंत्रालय का भी वॉश कोल पर अधिक उत्पादन करने का दबाव है। बीसीसीएल को वॉश कोल से अधिक लाभ होता है।

19 माइन्स से बनेंगे 69 हजार रोजगार के मौके

इस साल 2020 में केंद्र सरकार ने 38 माइन्स को नीलामी के लिए रखा था जिसमें 19 माइन्स के लिए जबरदस्त होड़ दिखी. जैन के मुताबिक इन 19 माइन्स के जरिए सालाना 7 हजार करोड़ का रेवेन्यू जेनेरेट होगा और 69 हजार से अधिक रोजगार के मौके तैयार होंगे. जैन ने बताया कि नीलामी में सिर्फ खनन सेक्टर की ही कंपनियां शामिल नहीं हुई थी बल्कि फॉर्मा, रीयल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की कंपनियां भी शामिल हुई थीं. नीलामी में 42 कंपनियां शामिल हुई थीं जिसमें से 40 निजी सेक्टर की थीं. 23 माइन्स के लिए 76 बिड्स प्राप्त हुए थे. नीलामी में अडाणी एंटरप्राइजेज, वेदांता, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और जिंदल पॉवर जैसे बड़े कॉरपोरेट हाउसेज को भी कोल ब्लॉक मिले हैं.

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कोयले की खपत में बढ़ोतरी का अनुमान

भारत समेत कई देशों में बिजली उत्पादन के लिए कोयले पर निर्भरता कम हो रही है. हालांकि विश्लेषकों का कहना है कि अगले साल 2021 में इसकी मांग बढ़ सकती है और इसके भाव भी मजबूत हो सकते हैं. अक्टूबर में मूडीज इंवेस्टर्स सर्विस की एक रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया था कि भारत और अन्य एशियाई देशों में अगले साल 2021 में कोयले की मांग में 3.8 फीसदी की बढ़ोतरी होगी. भारत में भी कोयले की मांग में बढ़ोतरी होगी क्योंकि यहां इलेक्ट्रिसिटी डिमांड बढ़ेगी और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए स्टील व सीमेंट की मांग बढ़ेगी तो कोयले की खपत भी बढ़ेगी.

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