राष्ट्रीय

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने ऊना की स्वां नदी में अवैध खनन के खिलाफ अपनाया कड़ा रुख,5 सदस्यीय कमेटी बनाई

Khaskhabar/हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना में स्वां नदी (Sawan River Una) में रेत का अवैध खनन (Illegal Mininig) व्यापाक मुद्दा बनता रहा है. स्वां नदी में दिन व रात को मशीनी पंजों से खनन का खेल खेला जाता है. ऐसे में राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल (National Green Tribunal) की प्रिंसीपल बैंच ने इस मामले में प्राप्त एक शिकायत पर आदेश जारी करते हुए पंजाब व हरियाणा हाइकोर्ट के पूर्व न्यायधीश जसवीर कौर की अध्यक्षता में एक पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया है, जो स्वां नदी का दौरा कर पर्यावरण को हो रहे नुक्सान की स्वतंत्र रिपोर्ट तैयार करेगी और ये रिपोर्ट ट्रिब्यूनल को दी जाएगी.

Khaskhabar/हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना में स्वां नदी (Sawan River Una) में रेत का अवैध खनन (Illegal Mininig) व्यापाक मुद्दा बनता रहा है. स्वां नदी में दिन व रात को मशीनी पंजों से खनन का खेल खेला जाता है. ऐसे में राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल (National Green Tribunal) की प्रिंसीपल बैंच ने इस मामले में प्राप्त एक शिकायत
Posted by khaskhabar

जानकारी मिली है कि अमनदीप नामक एक शख्स ने NGT की कोर्ट नंबर एक में 57/2021 के तहत शिकायत दी थी। शिकायत में कहा गया है कि लोगों की कीमती भूमि को कृषि योग्य बनाने के मकसद से स्वां नदी का 922 करोड़ की लगात से तटीकरण हो रहा है। इससे नजदीक के गांव भी तबाही से बचाए जा सकेंगे, लेकिन रेत माफिया अवैध खनन से इस विकास कार्य का नुकसान कर रहा है। इससे पर्यावरण के साथ-साथ पूरे प्रोजेक्ट को नुकसान होने का अंदेशा है। यही नहीं, ट्रक, टिप्पर ओवरलोड होकर सड़कों का भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। इस शिकायत में मीडिया रिपोर्ट भी हवाला दिया गया है।

5 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया

इस शिकायत पर 2 मार्च को सुनवाई हुई और NGT की प्रिंसीपल बैंच ने इस मामले में 5 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। NGT के चेयरपर्सन न्यायाधीश आदर्श कुमार गोयल, न्यायधीश शियो कुमार सिंह, एक्सपर्ट सदस्य नवीन नंदा की बैंच ने मामले में आदेश दिए हैं। इनके मुताबिक अब स्वां नदी में हो रहे रेत के खनन पर हाईकोर्ट के पूर्व न्यायधीश की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी रिपोर्ट बनाएगी। इस मामले में प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड को भी नोडल एजेंसी बनाया गया है, जबकि NGT द्वारा गठित कमेटी को प्रदूषण बोर्ड हिमाचल और DC ऊना भी मदद करेंगे।

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ये है शिकायत

शिकायतकर्ता अमनदीप ने ग्रीन ट्रिब्यूनल के सामने दिए मामले में कहा है कि ऊना स्वां नदी का 922 करोड़ की लगात से तटीयकरण हो रहा है, जिसमें 73 सहायक नदियां शामिल है और यह जनता का पैसा इसलिए लग रहा है, ताकि लोगों की कीमती भूमि कृषि योग्य बन सके और नजदीक के गांव तबाही से बच सके. लेकिन अब इस पैसे का नुक्सान रेत माफिया अवैध खनन से कर रहा है.

जिला प्रशासन की नाक व आंखों के तले खतरा पैदा होने की बात

शिकायत में राजनीति संरक्षण की बात कही गई है, वहीं, अवैज्ञानिक ढंग से खनन करने और जिला प्रशासन की नाक व आंखों के तले खतरा पैदा होने की बात कही गई है. पर्यावरण को नुक्सान के साथ-साथ पूरे प्रोजेक्ट को नुक्सान होने का अंदेशा है. ऐेसे में मीडिया रिपोर्ट का हवाला देकर शिकायतकर्ता से ग्रीन ट्रब्यूनल से कार्रवाई करने का आग्रह किया, जिस पर ये आदेश आए हैं.

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