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ट्विटर पर देश के जाने-माने उद्योगपति रटन टाटा को भारत रत्न से सम्मानित करने का चला कैंपेन, कही यह बात

Khaskhabar/पिछले कुछ दिन से ट्विटर पर देश के जाने-माने उद्योगपति रटन टाटा को लेकर एक कैंपेन चल रहा है। इसमें रतन टाटा को भारत रत्न से सम्मानित किये जाने की मांग उठ रही है। बड़ी संख्या में लोग ट्विटर पर इस तरह के ट्वीट कर रहे हैं। इस कैंपेन पर अब स्वयं रतन टाटा की प्रतिक्रिया सामने आई है। टाटा ने लोगों की भावनाओं की प्रशंसा की है और साथ ही उन्होंने लोगों से बड़ी विनम्रता के साथ इस कैंपेन को बंद करने के लिए भी कहा है। टाटा ने ट्वीट कर यह बात कही है। आइए विस्तार से जानते हैं कि उन्होंने क्या कहा।

जाने-माने उद्योगपति रटन टाटा pc : ani

रतन टाटा ने अपने ट्वीट में कहा, ‘सोशल मीडिया पर लोगों के एक तबके द्वारा एक अवॉर्ड को लेकर व्यक्त की गई भावनाओं की मैं सराहना करता हूं, लेकिन मैं बेहद नम्रता के साथ अपील करना चाहता हूं कि ऐसे कैंपेन बंद कर दिए जाएं। मैं भारतीय होने और भारत की ग्रोथ व समृद्धि में योगदान कर सकने पर खुद को भाग्यशाली मानता हूं।’

देश में अब तक केवल एक ही उद्योगपति को भारत रत्न से नवाजा गया है और वह रतन टाटा के ही परिवार से ताल्लुक रखते हैं। वह शख्स हैं जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा यानी जेआरडी टाटा। उन्हें 1992 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। जेआरडी टाटा 53 साल तक टाटा सन्स के चेयरमैन रहे और वह इस ग्रुप के सबसे सफल चेयरमैन समझे जाते हैं। जेआरडी ने सिर्फ 34 वर्ष की उम्र यानी 1938 में टाटा सन्स के चेयरमैन का पद संभाला था और वह इस पद पर 1991 तक बने रहे।

टाटा ग्रुप को बुलंदियों पर पहुंचाया

जेआरडी के कार्यकाल में टाटा ग्रुप की ग्रोथ 50 गुना तक बढ़ी। जेआरडी के कार्यकाल में टाटा ग्रुप का कुल बाजार मूल्य 10 करोड़ डॉलर से बढ़कर 500 करोड़ डॉलर तक पहुंच गया था। मौजूदा समय में टाटा ग्रुप का कुल बाजार मूल्य करीब 200 अरब डॉलर है। अपने कार्यकाल में उन्होंने टाटा ग्रुप में 14 नई कंपनियां शुरू की। टाटा मोटर्स, टाटा सॉल्ट, टाटा ग्लोबल बेवरेजिस और टाइटन जैसी सफल कंपनियों की शुरुआत जेआरडी ने ही की थी।

भारत में सिविल एविएशन इंडस्ट्री के जनक