राष्ट्रीय

ज्यादा बोली लगाने वाले को मिलेगी दुकान,1 अप्रैल से बीयर के दाम भी होंगे कम,सरकार ने बदलीं नीति

शराब पीने वालों को जल्द ही बड़ी राहत मिलने वाली है। प्रदेश सरकार ने देसी शराब को महंगी नहीं करने का फैसला लिया है। वहीं एक अप्रैल से बीयर के दाम में 30 से 35 रुपए कटौती की जाएगी। गहलोत सरकार ने देश में बनी अंग्रेजी शराब और बीयर पर लगने वाले वेंड फीस को समाप्त कर दिया है। बीयर पर आबकारी ड्यूटी 10 फीसद कम किया है। साथ ही इस बार आबकारी नीति में भी बदलाव किया गया है। शराब दुकानों का आवंटन लॉटरी की जगह ऑनलाइन किया जाएगा।

इस राज्‍य में अब महंगी नहीं होगी देसी शराब, 1 अप्रैल से बीयर के दाम भी होंगे कम

सरकार का वित्तीय वर्ष 2021-22 में 13 हजार करोड़ रुपए कमाने का लक्ष्य है। बीयर बार लाइसेंस धारक फ्रेश बीयर बनाने का मिनी प्लांट लगा सकेंगे। वहीं नए बार लाइसेंस के आवेदन में पूरी फीस देने के बजाय 10 फीसदी अग्रिम जमा करने का प्रावधान किया गया है। नई व्यवस्था में एक व्यक्ति को राज्य में पांच से ज्यादा और एक जिले में दो से ज्यादा दुकानें आवंटित नहीं की जाएगी। जबकि दुकान खुलने का समय सुबह 10 से रात 8 बजे तक रहेगा।

भले ही हाल में आम बजट जारी होने के बाद शराब के दामों में इजाफ़ा होने की ख़बर आई हो, लेकिन राजस्थान सरकार राज्य में शराब सस्ती करने जा रही है. इस साल राजस्थान में शराब महंगी नहीं होगी, बल्कि बियर के दाम 30 से 35 रुपये तक कम हो जाएंगे.

राजस्थान में सस्ती होगी बियर, शराब के दाम नहीं बढ़ेंगे

दरअसल, राजस्थान की गहलोत सरकार के एक प्रस्ताव के मुताबिक, इस वित्त वर्ष यानी 1 अप्रैल से आबकारी विभाग ने 13 हजार करोड़ रुपये के राजस्व एकत्र करने का लक्ष्य रखा है. ऐसे में नई व्यवस्था के तहत सरकारी उपक्रम भी अब शराब की दुकानें चला सकेंगे. बता दें कि राजस्थान टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (RTDC) पहले से ही शराब की दुकानें चला रहा है.

इतना होगा बियर का दाम

वहीं शराब के दामों में काफी कमी आएगी. राज्य में अंग्रेजी शराब और बियर पर वेंड फीस खत्म कर दिया जाएगा. वेंड फीस का अर्थ हर बोटल पर लगने वाला निर्धारित चार्ज होता है. इसके साथ बियर में लगने वाला अतिरिक्त आबकारी ड्यूटी भी 10 फीसदी घट जाएगा. वहीं आबकारी ड्यूटी में कमी के साथ बीयर पर 20 रुपए कोविड सरचार्ज भी हटाया गया. ऐसे में बीयर का दाम 30 से 35 रुपये तक कम हो जायेगा.

सरकार के फैसले से गली-गली में बार खुल जाएंगे

सरकार के फैसले पर लिकर वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष नीलेश मेवाड़ा ने कहा, ‘बार लाइसेंस के प्रावधान में दी गई छूट से अब गली-गली में बार खुल जाएंगे। पहले बीयर बार के लिए होटल में कमरों की संख्या, बैठने की क्षमता समेत कई राइडर थे। अब केवल शहरी निकाय की इजाजत वाले होटलों को बार लाइसेंस देने का प्रावधान कर दिया गया है। इससे छोटे होटल में भी बार खुल जाएंगे। अगर दूसरे प्रावधानों की बात करें, तो पर्यटन उद्योग की खराब हालत को देखते हुए पंजाब जैसे राज्यों ने बार फीस में 30% तक कटौती की है, जबकि राजस्थान में यह 10% ही है।