राष्ट्रीय

चमोली में ग्लेशियर टूटने से धौली गंगा में बाढ़,जल का स्तर खतरे से काफी उपर

Khaskhabar/उत्तराखंड के चमोली जिले में नंदादेवी ग्लेशियर का एक हिस्सा टूटने के बाद केन्द्रीय जल आयोग के अधिकारियों ने कहा कि जोशीमठ में धौली गंगा नदी का जल खतरनाक रूप से उच्च स्तर पर बह रहा है। ग्लेशियर टूटने से हिमस्खलन हुआ और अलकनंदा नदी तंत्र में एक जलप्रलय आई जिसमें पनबिजली स्टेशन बह गए और 100 से अधिक मजदूर फंस गए, जिनकी मौत होने की आशंका है।

Khaskhabar/उत्तराखंड के चमोली जिले में नंदादेवी ग्लेशियर का एक हिस्सा टूटने के बाद केन्द्रीय जल आयोग के अधिकारियों ने कहा कि जोशीमठ में धौली गंगा नदी का जल खतरनाक रूप से उच्च स्तर पर बह रहा है। ग्लेशियर टूटने से हिमस्खलन हुआ
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जोशीमठ में जल स्तर 1,388 मीटर दर्ज किया गया

केंद्रीय जल आयोग के अध्यक्ष सौमित्र हालदार ने कहा, ‘सुबह 11 बजे, जोशीमठ में जल स्तर 1,388 मीटर दर्ज किया गया। साल 2013 में उत्तराखंड में बाढ़ के दौरान, जोशीमठ में जल का उच्चतम स्तर (एचएफएल) 1,385.54 मीटर था।’केन्द्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के अधीक्षण अभियंता (ऊपरी और मध्य गंगा विभाग) राजेश कुमार ने बताया कि हालांकि, रविवार की शाम छह बजे तक नदी का जल स्तर उस सामान्य स्तर पर पहुंच गया जो एक दिन पहले दर्ज किया गया था। उन्होंने बताया कि जल स्तर घटने लगा है।

कई गांवों से संपर्क टूट गया है तो करीब 130 लोग लापता

नंदादेवी ग्‍लेशियर टूटने के बाद भयंकर तबाही मची है। कई गांवों से संपर्क टूट गया है तो करीब 130 लोग लापता है। वहीं अबतक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। लेकिन इस बीच केंद्रीय जल आयोग के अधिकारियों ने चेतावनी जारी करते हुए बताया कि जोशीमठ में धौली गंगा नदी का जल स्‍तर खतरनाक रूप से उच्‍च स्‍तर पर बह रहा है।

आपदा प्रबंधन की इस बैठक में सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने आला अधिकारियों को समस्याओं से अवगत करवाया और विस्तृत जानकारी दी. बता दें कि अनुमान है कि प्रयागराज में गंगा के जलस्तर में लगभग 60 से 70 सेंटीमीटर की 5 से 6 दिनों में हो वद्धि सकती है. फिलहाल 11 फरवरी को होने वाले मौनी अमावस्या के स्नान पर इस आपदा का कोई जयादा असर नहीं पड़ने वाला है.

बैराज में 100 से अधिक मजदूरों और सुरंग में 50 से अधिक लोगों ने अपनी जान गंवा दी

नीय प्रशासन से प्राप्त हालिया जानकारी का हवाला देते हुए, आईटीबीपी के प्रवक्ता विवेक पांडे ने बताया कि घटनास्थल से अब तक कम से कम 10 शव बरामद किए गए हैं, और कई लोगों को बचाया गया है, जबकि अन्य व्यक्तियों के बारे में कोई जानकारी नहीं है.घटनास्थल से प्राप्त अपनी प्रारंभिक जानकारी में, आईटीबीपी ने एक बयान के माध्यम से कहा था कि ‘तपोवन एनटीपीसी कार्यस्थल के इंचार्ज के अनुसार, बैराज में 100 से अधिक मजदूरों और सुरंग में 50 से अधिक लोगों ने अपनी जान गंवा दी है.. लगभग 150 लोग लापता हैं.’