घरेलु मैन्युफैक्चरिंग
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घरेलु मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देंगे सरकार के ये अहम कदम, आयत शुल्क में भी किया इजाफा

नई दिल्ली |भारत ने बीते कुछ महीनों में चीन से आयत न होने की वजह से कुछ सेक्टर्स ने सरकार की नींद उड़ा दी जिसमे टेक्नोलॉजी और फार्मा सेक्टर भी शामिल है| इसके बाद भारत में सरकार घरेलु मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने एवं चीन से आये सामान पर आत्मनिर्भरता कम करने को लेकर सरकार ने कुछ अहम कदम उठाये है| आईये जानते है इनके बारे में –

घरेलु मैन्युफैक्चरिंग
SOURCE – BUSINESS TODAY

गुणबत्ता मानकों को किया और सख्त

क्वालिटी कंट्रोल के कदमों के तहत भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) विभिन्न रसायन स्टील, इलेक्ट्रॉनिक्स, भारी मशीनरी, फर्नीचर, कागज, औद्योगिक मशीनरी, रबर उत्पाद, ग्लास, धातु की वस्तुओं, फार्मा, उर्वरक और प्लास्टिक के खिलौनों समेत कम से कम 370 वस्तुओं के लिए आयत मानकों को और कड़ा किया है जिससे ये सुनिश्चित किया जा सके की स्थानीय स्तर पर उत्पादित हो रही वस्तुओं का आयत न हो |

बिजली मंत्री आरके सिंह ने ऊर्जा उद्योग को स्थानीय स्तर पर उत्पादित वस्तुओं का उपयोग करने की नसीहत दी| इसके लिए पावर फाइनेंस कारपोरेशन और आरआईसी लिमिटेड से सस्ता कर्ज भी मुहैय्या कराया जायेगा|

घरेलु मैन्युफैक्चरिंग

आयत शुल्क भी बढ़ाये जाने पर हो रहा है विचार

सरकार सौर ऊर्जा के चैत्र में चीन से निर्भरता कम करने के लिए टैक्स को 15% बढ़ने पर विचार कर रही है इसके बाद चीन से आयत होने वाले सौर उपकरण पर 40 % टैक्स हो जायेगा इसके बाद सरकार और 370 आइटम्स पर टैक्स बढ़ाने पर विचार कर रही है|

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सरकार चीन से आने वाले सामानो पर निरीक्षण, उत्पाद की टेस्टिंग और क्वालिटी सर्टिफिकेशन की जरूरतों को बढ़ाने जैसे कदम उठाने जा रही है जिसके बाद चीन से होने वाले आयात पर नियंत्रण किया जा सकेगा | सरकार ने घरेलु मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए आपूर्तिकर्ताओं को उत्पादों के साथ उनके मूल स्थान की जानकारी देना भी अनिवार्य किया है चीन से इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं, औद्योगिक मशीनरी और ऑर्गेनिक केमिकल आदि का आयात होता है। पिछले साल चीन से 70 अरब डॉलर (करीब 5.2 लाख करोड़ रुपये) का आयात हुआ था।