राष्ट्रीय

खटकड़ टोल पर आज कृषि कानूनों की कापियां जलाकर लोहड़ी मनाएंगे किसान

khaskhabar/किसानों ने आह्वान किया कि बुधवार को टोल टैक्स पर किसान कृषि कानूनों की कापियां जलाकर लोहड़ी के पर्व को मनाएंगे।कृषि कानूनों के विरोध में खटकड़ टोल पर संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 18वें दिन भी किसानों का धरना जारी रहा। मंगलवार को धरने की अध्यक्षता लीला मोहनगढ़ छापड़ा ने की। धरना स्थल पर करनाल पुलिस द्वारा 900 किसानों पर दर्ज किए गए मामले की कड़े शब्दों में निदा करते हुए इन्हें तुरंत प्रभाव से रद करने की मांग की गई। किसानों ने लोहड़ी पर सीएम मनोहर लाल का पुतला फूंक कर रोष प्रकट किया ।

khaskhabar/किसानों ने आह्वान किया कि बुधवार को टोल टैक्स पर किसान कृषि कानूनों की कापियां जलाकर लोहड़ी के पर्व को मनाएंगे।कृषि कानूनों के विरोध में खटकड़ टोल पर संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 18वें दिन भी किसानों का धरना जारी रहा। मंगलवार को धरने की अध्यक्षता लीला मोहनगढ़ छापड़ा ने की।  धरना स्थल
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सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद भी किसान बद्दोवाल व खटकड़ टोल पर डटे रहे। किसानों का कहना है कि दिल्ली से किसान नेताओं के निर्देश मिलने तक वे धरने पर डटे रहेंगे। वहीं किसान बुधवार को तीनों कानूनों की प्रतियां जलाकर लोहड़ी पर्व मनाएंगे। वहीं, करनाल में किसानों पर दर्ज किए गए केस के विरोध में किसानों ने सरकार का पुतला फूंका। उधर, सीटू के बैनर तले विभिन्न कर्मचारी व ट्रेड यूनियन के सदस्यों ने लघु सचिवालय पर प्रदर्शन किया।

सतबीर पहलवान ने कहा कि दिल्ली बॉर्डर पर 23 जनवरी से किसान जाने शुरू हो जाएंगे

खटकड़ टोल पर लीला मोहनगढ़ छापड़ा ने कहा कि करनाल पुलिस द्वारा किसानों पर दर्ज किए गए मामले तुरंत प्रभाव से वापस लिए जाएं। आजाद पालवां ने कहा कि 26 नवंबर से दिल्ली बॉर्डर पर जारी आंदोलन अब जन आंदोलन बन गया है। सतबीर पहलवान ने कहा कि दिल्ली बॉर्डर पर 23 जनवरी से किसान जाने शुरू हो जाएंगे। हर घर से एक किसान पहुंचे, इसके लिए गांव-गांव जाकर टीम प्रचार करेगी। मार्केट कमेटी के पूर्व चेयरमैन वीरेंद्र घोघड़िया ने कहा कि वह अपने युवा साथियों के साथ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठेंगे। हलके के हर गांव से एक युवा अनशन में शामिल होगा। शोक दनोदा ने बताया कि गांव मे कोई पुरुष नहीं रहेगा। हर बच्चा, बूढ़ा और जवान दिल्ली बॉर्डर पर सरकार के खिलाफ हुंकार भरेगा।

26 को खरक भूरा से दिल्ली जाएंगे ट्रैक्टर

पिछले 45 दिनों से कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली सीमा पर संघर्ष कर रहे हैं। मगर सरकार नौ दौर की बैठक के बाद भी बार-बार तारीख पर तारीख देकर किसानों का हौसला कम करने की कोशिश कर रही है। किसान आंदोलन को लेकर गांव खरक भूरा की बड़ी चौपाल में 36 बिरादरी के लोगों ने फैसला लिया कि 26 जनवरी को दिल्ली में किसानों की होने वाली परेड में ट्रैक्टरों के साथ हजारों की संख्या में हिस्सा लेंगे।

दिल्ली बॉर्डर पर जाकर लोहड़ी पर युवा बना रहे मालपुआ

कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग अब गांव स्तर पर भी किसान एकत्रित होकर करने लगे हैं। दिल्ली बॉर्डर पर धरना दे रहे किसानों के लिए गांव से दूध, सब्जी, लकड़ी पहुंचाई जा रही है। करसिंधु गांव से दूध का कैंटर व रजाई सहित अन्य सामान लेकर किसान गए तो छात्तर गांव में ग्रामीणों ने रैली निकाल कर केंद्र सरकार से कानूनों को रद्द करने की मांग की। वहीं युवा बॉर्डर पर किसानों के लिए माल पुवे बना रहे हैं।

सीटू कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन

कृषि कानून, चार लेबर कोड्स, निजीकरण, बिजली संसोधन बिल 2020 के विरोध में सीटू के विभिन्न संगठनों व कर्मचारी संगठनों ने प्रदर्शन किया। जिला प्रधान सतबीर खरल व राज्य प्रधान सुरेखा ने कहा कि निजीकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने श्रमिकों के अधिकारों पर भी कुठाराघात किया है।

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15 को ट्रैक्टर मार्च की योजना बनाएंगे संगठन

किसानों द्वारा 26 जनवरी को दिल्ली में की जाने वाली ट्रैक्टर परेड की योजना बनाने के लिए विभिन्न संगठनों की बैठक 15 जनवरी को जाट धर्मशाला में होगी। किसान नेता वीरभान ढुल ने बताया कि यह बैठक 16 जनवरी को होनी थी, लेकिन उस दिन जाट धर्मशाला में अन्य आयोजन है। ऐसे में इसे 15 जनवरी को किया गया है।

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