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ऑनलाइन पढ़ाई:सीबीएसई स्कूलाें में बोर्ड कक्षाओं की ऑनलाइन पढ़ाई बंद, प्राइवेट स्कूल भी ले सकते हैं इसपर फैशला

Khaskhabar/ऑनलाइन पढ़ाई:कोविड-19 के दौरान प्राइवेट स्कूलों के लिए फीस बड़ा मसला बन चुका है। महीनों से काफी स्टूडेंट्स से फीस नहीं मिलने की वजह से अब कई स्कूलों का कहना है कि बिना फीस लिए ऑनलाइन क्लासेज चलाना बहुत मुश्किल है। दिल्ली स्टेट पब्लिक स्कूल असोसिएशन ने बुधवार को फैसला लिया कि उससे जुड़े स्कूल भी अब राजस्थान की तर्ज पर ऑनलाइन क्लासेज नहीं पढ़ाएंगे। बाकी स्कूल असोसिएशन भी इस मसले पर विचार कर रही हैं। इस संबंध में दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों के बड़े असोसिएशन-अनऐडेड रिकग्नाइज्ड प्राइवेट स्कूल्स की एक्शन कमिटी की 9 नवंबर को मीटिंग है।

Khaskhabar/ऑनलाइन पढ़ाई:कोविड-19 के दौरान प्राइवेट स्कूलों के लिए फीस
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सरकार दे पेंडिंग खर्च, तो मुश्किल होगी कम

प्राइवेट स्कूल असोसिएशंस का यह भी कहना है कि अगर प्राइवेट स्कूलों में ईडब्ल्यूएस/डीजी (इकनॉमिकली वीकर सेक्शन/डिसएडवांटेज ग्रुप) कैटिगरी के स्टूडेंट्स की फ्री पढ़ाई के लिए सरकार पेंडिंग फंड अगर जारी कर दे, तो आधे से ज्यादा स्कूलों की अभी की परेशानी कम हो जाएगी। इसे लेकर मंगलवार को एक्शन कमिटी ने शिक्षा निदेशालय के अधिकारियों से मुलाकात भी की। एक्शन कमिटी के सेक्रेटरी भरत अरोड़ा कहते हैं कि सरकार जल्द बकाया 90 करोड़ का ईडब्ल्यूएस रीइम्बर्स्मेन्ट जारी कर दे तो कई स्कूलों की मुश्किलें आसान होंगी। यह राशि सैंक्शन हो गई है। सरकार ने सितंबर में 2018-20 के लिए स्कूलों को बकाया 150 करोड़ रुपये जारी किए थे, जिससे कई स्कूलों को कुछ राहत मिली।

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प्राइवेट स्कूलों का कहना है कि पिछले 6-7 महीनों से ज्यादातर पैरंट्स से उन्हें फीस नहीं मिल रही है। कोविड के बीच दिल्ली सरकार ने प्राइवेट स्कूलों से ट्यूशन फीस के अलावा बाकी चार्ज लेने पर भी पाबंदी लगाई है। दिल्ली स्टेट पब्लिक स्कूल असोसिएशन के प्रेजिडेंट आर. सी. जैन का कहना है कि जल्द ही असोसिएशन से जुड़े स्कूल ऑनलाइन क्लासेज बंद करेंगे। जब टीचर्स को सैलरी ही नहीं दे पा रहे हैं, तो उन्हें अब कितने दिन ऑनलाइन क्लासेज जारी रखने के लिए कहा जा सकता है। 6-7 महीने से ज्यादातर समय से पैरंट्स फीस देने से बच रहे हैं। जैन का दावा है कि ऑनलाइन क्लासेज बंद करने के फैसले से 80% स्कूलों के 15 लाख स्टूडेंट्स की पढ़ाई पर असर पड़ेगा।

ऑनलाइन पढ़ाई : 70 फीसदी फीस लेने के लिए हाईकोर्ट की एकलपीठ का आदेश लागू हो

हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 7 सितंबर को आदेश में निजी स्कूलों को ट्यूशन फीस का 70 फीसदी हिस्सा लेने को कहा था। इसके खिलाफ खंडपीठ में अपील की गई थी। मामला कोर्ट में लंबित है। इस बीच बीते रविवार सरकार ने प्रदेश में 16 नवंबर तक स्कूल बंद रखने के आदेश जारी किए थे। दूसरे ही दिन जिले में आरबीएसई से संबद्ध 150 और सीबीएसई के 36 निजी स्कूल संचालकों ने 5 नवंबर से स्कूल संचालन बंद करने की चेतावनी दी थी। निजी विद्यालयी एकता मंच के बैनर तले स्कूल संचालकों ने कहा कि जब तक फीस का मामला कोर्ट में लम्बित है, तब तक हाईकोर्ट की एकल पीठ का जारी आदेश लागू किया जाए।

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अध्यक्ष गिरीश जोशी ने कहा कि आरटीई का भुगतान नहीं मिलने और 8 माह से फीस का एक भी पैसा नहीं आने के कारण कई प्राइवेट स्कूल बंद होने के कगार पर हैं। हम नहीं चाहते कि बच्चों और अभिभावकों को परेशानी हो, लेकिन कुछ अफसरों ने समस्या को समय रहते नहीं समझा। महामंत्री भवानी प्रताप सिंह झाला ने कहा कि सरकार ने मांग नहीं मानी तो गुरुवार से संभागस्तर पर सभी स्कूल संगठन ऑनलाइन क्लासेज बंद करेंगे।

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