when should an individual get himself tested for covid-19
राष्ट्रीय स्वास्थ

आखिर लोगों को कब करानी चाहिए कोरोना की जांच? जान लीजिए विशेषज्ञ की राय

Khaskhabar/देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में बड़ी तेजी से बढ़ोतरी हो रही है और साथ ही कोरोना से ठीक होने की दर में भी लगातार गिरावट आ रही है। बीते 24 घंटे में दो लाख से भी अधिक संक्रमित पाए गए हैं और इसी के साथ देश में इस समय सक्रिय मामलों की संख्या 14 लाख 71 हजार से अधिक हो गई है। लगातार यह सुनने में आ रहा है कि कई जगहों पर रेमडेसिवीर दवा की किल्लत हो गई है, जिसे कोरोना के इलाज में कारगर माना जा रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर रेमडेसिवीर कहां से मिलेगी और कोविड के इलाज में यह कितनी प्रभावी है?

Khaskhabar/देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में बड़ी तेजी से बढ़ोतरी हो रही है और साथ ही कोरोना से ठीक होने की दर में भी लगातार गिरावट आ रही है। बीते 24 घंटे में दो लाख से भी अधिक संक्रमित पाए गए हैं और इसी के साथ देश में इस समय सक्रिय मामलों की संख्या 14 लाख 71 हजार से अधिक हो गई है। लगातार यह सुनने में आ रहा है कि कई जगहों पर
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रेमडेसिवीर कहां से मिलेगी और कोविड के इलाज में कितनी प्रभावी है? 

दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल के डॉ. रूपाली मलिक कहती हैं, ‘रेमडेसिवीर एक तरह की एंटीवायरल दवाई है, इसका इस्तेमाल पहले जो सार्स कोरोना वायरस आया था, उसमें किया गया था। उस बार के कोरोना वायरस में इसका कई जगह लाभ देखा गया था, लेकिन अब जो डाटा आया है, उसमें इसका बहुत ज्यादा प्रभाव नहीं देखा गया है। अभी इलाज के लिए ऑक्सीजन और स्टेरॉयड को ही प्रभावी इलाज माना जा रहा है। रेमडेसिवीर अभी एक तरह से सहयोगी है, सीधे तौर पर इसका प्रभाव देखने को नहीं मिला है।’

कोरोना वायरस में इसका कई जगह लाभ देखा गया

दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल के डॉ. रूपाली मलिक कहती हैं, ‘रेमडेसिवीर एक तरह की एंटीवायरल दवाई है, इसका इस्तेमाल पहले जो सार्स कोरोना वायरस आया था, उसमें किया गया था। उस बार के कोरोना वायरस में इसका कई जगह लाभ देखा गया था, लेकिन अब जो डाटा आया है, उसमें इसका बहुत ज्यादा प्रभाव नहीं देखा गया है। अभी इलाज के लिए ऑक्सीजन और स्टेरॉयड को ही प्रभावी इलाज माना जा रहा है। रेमडेसिवीर अभी एक तरह से सहयोगी है, सीधे तौर पर इसका प्रभाव देखने को नहीं मिला है।’

होम आइसोलेशन में ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था खुद करनी है या अस्पताल मुहैया कराएगा?

डॉ. रूपाली मलिक कहती हैं, ‘अगर होम आइसोलेशन में किसी को ऑक्सीजन की जरूरत है और घर पर ही इलाज चाहते हैं, तो खुद ऑक्सीजन की व्यवस्था करनी होगी। अगर अस्पताल में जाकर भर्ती होना चाहते हैं तो अस्पताल उसकी व्यवस्था करेगा, लेकिन अगर किसी को जरूरत पड़ती है तो अस्पताल ही ज्यादा बेहतर है।’ 

कोई कोविड मरीज होम आइसोलेशन में है तो किस लक्षण के आने पर उसे अस्पताल जाने की जरूरत पड़ सकती है? 

अगर कोई कोविड मरीज होम आइसोलेशन में हो तो उसको सबसे ज्यादा ध्यान ऑक्सीजन सेचुरेशन पर रखना है। इसके लिए ऑक्सीमीटर साथ रखें, जब भी वो 95 या 94 प्रतिशत से कम हो तो अस्पताल जाने की जरूरत पड़ सकती है। इसके अलावा अगर छाती में समस्या बढ़ जाए या बुखार एक हफ्ते के बाद भी कम न हो तो अस्पताल जाकर दिखाना चाहिए।

अगर परिवार में कोई एक पॉजिटिव आता है तो क्या सबको टेस्ट कराना चाहिए? 

घर में कोई एक कोरोना से संक्रमित है तो घर में सभी लोग काफी क्लोज होते हैं। ऐसे में किसी और को भी लक्षण आते हैं तो टेस्ट करा लें, अगर नहीं हैं तो इंतजार कर लें, खासकर जो पॉजिटिव हैं, बाकी सदस्यों से खुद को अलग रखें। अगर कमरे में जाएं, तब दोनों लोग मास्क लगा कर रखें। जिस कमरे में रह रहे हैं, वहां हवा का वेंटिलेशन हो। इसके अलावा घर में अगर कोई कोमोरबिडिटी वाला व्यक्ति है तो उसे ज्यादा सतर्कता रखनी है।

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किसी व्यक्ति को कोविड की जांच कब करवानी चाहिए? 

अगर किसी कोरोना संक्रमित के संपर्क में आए हैं और उसके बाद बुखार, खांसी, गले में खराश आदि लक्षण आते हैं तो कोरोना जांच करा लें। बहुत लोगों को लगता है कि लक्षण नहीं आ रहे हैं, हो सकता है आप संपर्क में आए हों तो कुछ दिन के लिए खुद को आइसोलेट कर लें। इस बीच अगर लक्षण आते हैं तो टेस्ट कराएं, नहीं आते हैं तो आइसोलेशन में 14 दिन तक रहें।

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