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अमेरिका ने चीन की कंपनी हुआवेई और जेडटीई को बताया देश के लिए खतरा, लगाई कारोबार पर पाबंदी

वाशिंगटन रायटर्स| अमेरिका की फ़ेडरल संचार आयोग ने मंगलवार को औपचारिक रूप से चीन की कंपनी हुआवेई और जेडटीई कारपोरेशन को देश के लिए गंभीर खतरा बताते हुए उनके कारोबार पर प्रतिबन्ध लगा दिया है |
आयोग के इस सख्त कदम के बाद हुआवेई और जेडटीई कॉर्प के बनाये गए कोई भी उपकरण खरीदना नामुमकिन सा हो जायेगा| सरकार से मिले 8.3 बिलियन डॉलर से अमेरिकन कम्पनिया ग्रामीण छेत्र में संचार नेटवर्क को दुरुस्त करने के लिए चीन की कंपनियों से उपकरण खरीदने वाली थी लेकिन सरकार के इस कदम के बाद उन्हें दूसरे देशो की कंपनियों से उपकरण खरीदने होंगे |

चीन की कंपनी हुआवेई और जेडटीई कारपोरेशन
SOURCE – New York Times

अमेरिका की फ़ेडरल संचार आयोग ने मंगलवार को औपचारिक रूप से चीन की कंपनी हुआवेई और जेडटीई कारपोरेशन को देश के लिए गंभीर खतरा बताते हुए उनके कारोबार पर प्रतिबन्ध लगा दिया है |
आयोग के इस सख्त कदम के बाद हुआवेई और जेडटीई कॉर्प के बनाये गए कोई भी उपकरण खरीदना नामुमकिन सा हो जायेगा| सरकार से मिले 8.3 बिलियन डॉलर से अमेरिकन कम्पनिया ग्रामीण छेत्र में संचार नेटवर्क को दुरुस्त करने के लिए चीन की कंपनियों से उपकरण खरीदने वाली थी लेकिन सरकार के इस कदम के बाद उन्हें दूसरे देशो की कंपनियों से उपकरण खरीदने होंगे |

चीन की कंपनी हुआवेई और जेडटीई कारपोरेशन
Source – Google

दोनों चीनी कंपनी की उपकरण हटाने का सुझाव

अमेरिकी दूरसंचार नियामक ने नवंबर में कहा था कि मौजूदा ग्रामीण सिस्टम से पुराने उपकरण बदलने के लिए वे दो चीनी कंपनियों को अनुमति नहीं दे सकते। इससे देश की आतंरिक सुरक्षा को कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ चीन से खतरा उठाना पड़ सकता है| हुआवेई और जेडटीई कॉर्प का इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है लेकिन पहले से ही ये कपनिया सरकार की इस रवैये की निंदा करती रही है |

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चीन की उपकरण पर भरोसा नहीं किया जा सकता

एफसीसी के आयुक्त जेफ्री स्टा‌र्क्स ने मंगलवार को कहा कि अमेरिकी नेटवर्क में अविश्वसनीय उपकरण कायम हैं। और चीन की उपकरण पर भरोसा नहीं किया जा सकता और इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मई 2019 में एक कार्यकारी आदेश में दोनों चाइनीज कंपनियों के बनाए उपकरणों को देश की सुरक्षा के लिए खतरा बताकर अमेरिकी कंपनियों से उपकरण खरीदने पर रोक लगा दी थी।
ट्रम्प प्रशासन ने हुआवेई को ब्लैकलिस्ट कर दिया था और इसके बाद से ही भारत समेत कई देश में इसे ब्लैकलिस्ट करने पर विचार हो रहा है पहले भी भारत ने कई चीनी कंपनियों की साथ कई समझौते रद्द किये है और हाल में ही 59 ऍप को भी बंद कर दिया जिसमे tiktok भी शामिल है|